नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की डेडलाइन बढ़ाई है। इस बार पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की सीमा बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश को दो हफ्ते की मोहलत दी गई है। देश के सबसे बड़े राज्य में अब 26 दिसंबर तक मतदाता प्रपत्र भरा जा सकेगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने दो हफ्ते का समय बढ़ाने की मांग की थी।
गुरुवार को चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 18 दिसंबर तक फॉर्म भर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर, जबकि गुजरात और तमिलनाडु में 14 दिसंबर तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। पहले फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर थी। आयोग ने बताया कि गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए समय सीमा गुरुवार को ही समाप्त होगी और ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
गौरतलब है कि केरल में पहले ही डेडलाइन दो हफ्ते बढ़ा कर 18 दिसंबर कर दी गई थी। केरल की मसौदा मतदाता सूची 23 दिसंबर को प्रकाशित होगी। इससे पहले चुनाव आयोग ने सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 नवंबर को एसआईआर की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाने का फैसला किया था। आयोग ने कहा था कि पहला चरण 11 दिसंबर तक चलेगा और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग ने बुधवार को एक और बड़ा ऐलान किया और कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स को मसौदा मतदाता सूची जारी होने से पहले मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित वोटरों की सूची दी जाएगी। आयोग ने राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को हर बूथ के हिसाब से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार कर बूथ एजेंट्स को देने का निर्देश दिया है।
