12 राज्यों में एसआईआर शुरू

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया। मंगलवार, 28 अक्टूबर से देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर का काम शुरू होगा। चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एसआईआर के दूसरे चरण का ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार में हुए एसआईआर को सफल बताते हुए कहा कि मतदाता सूची की सफाई का काम पूरे देश में होगा। अगले साल जिन राज्यों में चुनाव होना है उनमें से असम को छोड़ कर बाकी चार राज्यों में एसआईआर होगा।

चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम मंगलवार, 28 अक्टूबर से शुरू होगा और सात फरवरी को खत्म होगा। 103 दिन के इस अभियान में मतदाता सूची की सफाई होगी। बिहार की तरह ही मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से शिफ्ट कर गए मतदाताओं और एक से ज्यादा जगह नाम वाले मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे। इसके अलाव होगा नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और अन्य गलतियों को सुधारा जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सोमवार की आधी रात से इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी। आयोग ने बताया कि अगले साल चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में एसआईआर होगा, लेकिन असम में नहीं होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि असम में नागरिकता से जुड़े नियम अलग है, इसलिए वहां यह प्रक्रिया अलग तरीके से चलेगी। गौरतलब है कि असम में एनआरसी लागू है। यह भी एसआईआर को टालने का एक कारण हो सकता है। दूसरे चरण में चुनाव आयोग वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में एसआईआर होगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार में एसआईआर होगा।

चुनाव आयोग ने बताया है कि एसआईआर वाले 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं। वहां एसआईआर में 5.33 लाख बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ और सात लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट्स यानी बीएलए काम करेंगे। बीएलए राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने एसआईआर की तैयारियों की सिलसिले में पिछले दो महीने में दिल्ली में देश भर के चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने बताया कि एसआईआर में सभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा। आयोग ने एसआईआर के लिए 12 दस्तावेजों की सूची जारी की है, जिनके आधार पर मतदाता अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार में हुए एसआईआर को पूरी तरह से कामयाब बताया।


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