नेपाल में अंतरिम सरकार की कोशिश

Categorized as समाचार

काठमांडो। नेपाल की केपी शर्मा ओली की सरकार की तख्तापलट करने के बाद प्रदर्शनकारी युवा अंतरिम सरकार बनाने की कोशिश में जुटे हैं। नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस सुशील कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति की खबर है। प्रदर्शनकारी ‘जेन जेड’ यानी युवा नेताओं की करीब पांच घंटे तक ऑनलाइन मीटिंग हुई, जिसमें सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने पर चर्चा हुई। कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालने की सहमति दे दी है। हालांकि प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग इस पर सहमत नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सेना की सहमति के बाद अंतरिम सरकार का गठन होगा। गौरतलब है कि अभी देश की कमान सेना के हाथ में है।

केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन रोकने के लिए सेना ने मंगलवार को रात 10 बजे से पूरे देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। अंतरिम सरकार बनाने के लिए बुधवार को दिन भर सेना और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत होती रही। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने आपसी मीटिंग में कार्की के नाम पर सहमति बनाई। सुशीला कार्की ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, ‘जेन जेड प्रदर्शनकारियों ने मुझ पर भरोसा जताकर अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी दी है। मेरी पहली जिम्मेदारी है कि जिन लोगों ने आंदोलन में जान गंवाई, उन्हें सम्मान दिया जाए और देश में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना’। गौरतलब है कि कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, बीएचयू से पढ़ाई की है।

ऑनलाइन बैठक में अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए नाम पर सहमति बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने फोन पर सुशीला कार्की से बात की और उनकी सहमति ली। इसके बाद तय हुआ कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात करेंगे और उनके समर्थन से अंतरिम सरकार का गठन करने की कोशिश करेंगे। अगर सेना प्रमुख सहमत हो जाते हैं, तो कार्की देश का नेतृत्व अपने हाथ में लेंगी। पहले कार्की के अलावा रैपर से काठमांडू के मेयर बने बालेन शाह, रबि लामिछाने, कुलमान घिसिंग और हरका संपंग के नाम पर भी चर्चा हुई।

इस बीच, बुधवार को खबर आई कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की बेटी गंगा दहल के जले हुए घर से एक शव बरामद किया गया। शव की पहचान नहीं हो पाई है। नेपाल की पुलिस बुधवार को बताया कि दो दिन के हिंसक प्रदर्शन में देश भर की जेलों से 11 हजार से ज्यादा कैदी भाग गए हैं। बुधवार को पश्चिमी नेपाल की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में पुलिस की गोलीबारी से पांच नाबालिग कैदियों की मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हैं। अब तक की हिंसा में 30 लोगों की मौत हुई है, जबकि एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।


Previous News Next News

More News

अफगानिस्तान में पुराने युद्ध का ब‍िना फटा बम अचानक फटने से क‍िशोर घायल

June 3, 2026

अफगानिस्तान के पूर्वी गजनी प्रांत में मंगलवार को बम फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने बुधवार को दी। यह घटना गिलान जिले में हुई। लड़के को एक खिलौने जैसी दिखने वाली चीज मिली थी और वह उससे खेलने लगा। तभी वह वस्तु अचानक फट गई…

पटना : खान सर की कोचिंग पर हमला करने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार

June 3, 2026

बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ और गार्ड के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद भी शामिल बताए जा रहे हैं।   पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस…

दिल्ली : मालवीय नगर के बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, 10 लोगों की मौत

June 3, 2026

बुधवार सुबह दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित बहुमंजिला ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में भीषण आग लग गई। इसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाल लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की।  दिल्ली पुलिस के मुताबिक घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका…

ममता बनर्जी का टीएमसी को टूटने से बचाने के लिए बड़ा फैसला, संगठन में होंगे फेरबदल

June 3, 2026

पश्चिम बंगाल की सत्ता में 15 साल तक काबिज रही टीएमसी अब टूटने के कगार पर है और पार्टी को बचाने के लिए पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत पार्टी की सभी समितियां, साथ ही इसके सभी फ्रंटल संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए…

तीन आदिवासी बालिकाओं की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण, कठोर कार्रवाई हो: दिग्विजय सिंह

June 3, 2026

राज्यसभा सांसद एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम सगौर में कुएं में डूबने से तीन नाबालिग आदिवासी बालिकाओं की हुई दर्दनाक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही एवं पेयजल व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण बताते…

logo