नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने अलग अलग राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर मुकदमा दर्ज किए जाने और उन्हें जेल भेजे जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। सोमवार को सीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें कहा गया कि अगर छात्रों और युवाओं पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो वह फिर से आंदोलन शुरू करेगी।
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि सरकार ने समझौता तोड़ा है। उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। दिल्ली में हुई सीजेपी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बात यह थी कि इसमें सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास के साथ वरिष्ठ वकील व राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। सिब्बल ने कहा, ‘मेरा रोल इस पार्टी के कानूनी मसलों में मदद करना है’।
इस बीच सीजेपी ने कहा कि उसने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए पीड़ित छात्र अपनी परेशानी शेयर कर सकते हैं। वे केस इन्फॉर्मेशन और वीडियो भी शेयर कर सकते हैं। इससे पहले सोमवार को दिन में सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पार्टी का कहना है कि उसने देशव्यापी आंदोलन केंद्र सरकार के इस आश्वासन पर स्थगित किया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है, तो यह लाखों युवाओं के विश्वास के साथ धोखा होगा।
