हर प्रतिरोध नाजायज है?

यह समझने की जरूरत है कि मांगों पर तत्परता से ध्यान ना देने अथवा अनंत और ऊबाऊ वार्ताओं से लोगों का असंतोष आक्रोश में बदलता है। उससे गतिरोध की स्थिति बनती है, जो अमन-चैन के लिए ठीक नहीं है। केंद्र ने लेह में हुई हिंसा की सारी जिम्मेदारी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर डाल दी… Continue reading हर प्रतिरोध नाजायज है?

मुद्दे की तलाश में

वोट चोरी गंभीर आरोप है, मगर इससे विपक्षी दल, उनके कार्यकर्ता और मध्य वर्ग के कुछ हिस्से जितना उत्तेजित हुए हैं, उतना आम जन के स्तर पर नहीं हुआ है। आम जन को ऐसे मुद्दे दूर से ही छू पाते हैं। राहुल गांधी ने अब कहा है कि भारत के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या… Continue reading मुद्दे की तलाश में

समस्या की जड़ जहां

आय कर और जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदमों से लोगों को बेशक कुछ राहत मिली है, लेकिन असल सवाल है कि क्या इससे लोगों के हाथ में इतना पैसा बचने लगेगा, जिसे खर्च करने के वे उपाय ढूंढने लगेंगे? भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने यह पहली बार नहीं कहा… Continue reading समस्या की जड़ जहां

जाति जाए तो कैसे?

हाई कोर्ट ने राय जताई कि जाति आधारित रैलियां राजनीतिक मकसद से आयोजित होती हैं, जिनसे समाज में टकराव बढ़ता है। यह सार्वजनिक व्यवस्था एवं राष्ट्रीय एकता के खिलाफ है। यूपी सरकार ने कोर्ट की राय का समर्थन किया है। जातीय पहचान और प्रतीकों का प्रदर्शन इतने भौंडे स्तर तक पहुंच चुका है कि उस… Continue reading जाति जाए तो कैसे?

अब तो बहस छिड़े

लोकतंत्र में विचार जताने की आजादी पर कोई तलवार नहीं लटकनी चाहिए। अधिक से अधिक यह हो सकता है कि मानहानि दीवानी श्रेणी का अपराध रहे, हालांकि इसके तहत भी प्रतीकात्मक दंड का प्रावधान ही होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के यह टिप्पणी स्वागतयोग्य है कि मानहानि को अपराध की श्रेणी से हटाने का समय आ… Continue reading अब तो बहस छिड़े

भविष्य को गिरवी रखना

स्वस्थ नियम है कि सरकारों को कर्ज सामान्यतः निवेश के लिए ही लेना चाहिए। मगर ताजा रुझान यह है कि सरकारें कर्ज के जरिए रूटीन खर्च जुटा रही हैं। साथ ही एक बड़ी रकम वोट खरीदने पर खर्च किया जा रहा है। राज्यों के ऊपर कर्ज के बढ़ते बोझ पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)… Continue reading भविष्य को गिरवी रखना

इजराइल की दरकती जमीन

संयुक्त राष्ट्र की जांच समिति ने पिछले हफ्ते कहा कि गज़ा में जारी इजराइली कार्रवाई ‘मानव संहार’ की श्रेणी में आती है। इसके पहले हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अपने अंतरिम निर्णय में इजराइली कार्रवाइयों को ‘मानव संहार जैसा’ बता चुका है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और पुर्तगाल ने स्वतंत्र फिलस्तीनी राज्य को मान्यता प्रदान कर दी… Continue reading इजराइल की दरकती जमीन

संकट में नया जुमला?

शायद ही कोई इससे असहमत होगा कि भारत को ‘चिप से शिप’ तक में आत्म-निर्भर होना चाहिए। ऐसा नहीं है, तो बेशक उसका दोष पूर्व सरकारों पर भी जाता है। मगर देश की कमान 11 साल से नरेंद्र मोदी के हाथ में है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई बड़ा देश भारत का दुश्मन नहीं… Continue reading संकट में नया जुमला?

ट्रंप का प्ले-बुक

ट्रंप मोदी की खूब तारीफ करते हैं। उन्हें ‘महान नेता’, ‘बहुत करीबी दोस्त’, ‘शानदार काम कर रहे नेता’ बताते हैं। लेकिन लगे हाथ वे ऐसे फैसले भी कर रहे हैं, जिनसे भारत के दीर्घकालिक हितों को क्षति पहुंच रही है। डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के नीतिकार संभवतः इस निष्कर्ष पर हैं कि भारतीय विदेश नीति का… Continue reading ट्रंप का प्ले-बुक

इस ओर रखें नज़र

समझौते का यह प्रावधान खास चिंता का विषय है कि सऊदी अरब या पाकिस्तान में किसी एक पर हमला हुआ, तो दूसरा देश उसे खुद पर हमला मानेगा। इस प्रावधान के तहत दोनों देश एक दूसरे के यहां अपने हथियार तैनात कर सकेंगे। सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ पर… Continue reading इस ओर रखें नज़र

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