आरएसएस के शतायु होने पर व्यक्त किए गए भागवत जी के उद्गारों का मोशा-अनुचर जितना चाहें महिमामंडन करें, वे अगर वाचिक-लिखित इबारतों के महीन धागों को पढ़ने की ज़रा-सी भी सूक्ष्म ज़हनीयत रखते तो समझ जाते कि भागवत दरअसल कह क्या रहे हैं? नरेंद्र भाई के मजबूरन समर्पण से भागवत अगर ज़रा-सा भी पसीजे होते… Continue reading दशहरे पर हुई भागवत कथा का मूल संदेश
