अपनी अल्प-दृष्टि के कारण भारत के शासकों ने ताकत निर्माण के बजाय शक्ति प्रदर्शन को तरजीह दी, जिसने भारत को विश्व मंच पर आज अलग-थलग खड़ा कर दिया है। अगर शक्ति अपनी हो, तो उसके प्रदर्शन में कोई बुराई नहीं होती। लेकिन किसी अन्य ताकतवर से जुड़ कर उसे अपनी शक्ति मान लेना हमेशा हानिकारक… Continue reading बदली हुई दुनिया में भारत
