पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे हरभजन सिंह, सुरक्षा हटाने के फैसले को दी चुनौती

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राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल करते हुए अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। 

पूर्व क्रिकेटर ने अपनी याचिका में पूछा है कि आखिर किस आधार पर उनकी सुरक्षा हटाई गई। इसके साथ ही उन्होंने उस घटना पर कार्रवाई की मांग भी की है, जिसमें कथित तौर पर उनके घर के बाहर ‘गद्दार’ लिख दिया गया था और भीड़ ने हमला करने की कोशिश की थी।

इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से सुरक्षा समीक्षा के आधार पर जवाब मांगा है। 

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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पंजाब सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किस आधार पर सुरक्षा समीक्षा करते हुए इसे हटाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही ‘गद्दार’ लिखे जाने की घटना पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) का साथ जोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा था। चड्ढा ने कहा था कि उनके सहित कई राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल होने वाले हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने वाले अन्य सांसदों में उनके अलावा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह का नाम लिया था। 

इसके बाद रविवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ली थी। राघव चड्ढा के इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्मा गया था। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया और हरभजन सिंह को सीआरपीएफ की ओर से वाई-कैटेगरी की सुरक्षा दी गई।

Pic Credit : ANI


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