ईडी के समन अवहेलना मामले में सीएम हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन की अवहेलना से जुड़े केस में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने रांची की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में इस मामले में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है और ईडी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

यह मामला ईडी के समन की कथित अवहेलना से जुड़ा है। ईडी की ओर से सीजेएम कोर्ट में हेमंत सोरेन के खिलाफ 19 फरवरी 2024 को शिकायतवाद दर्ज कराया गया था। एजेंसी का कहना है कि रांची के बड़गाईं अंचल से संबंधित जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए हेमंत सोरेन को पहली बार 14 अगस्त 2023 को हाजिर होने के लिए समन भेजा गया था। 

इसके बाद इसी वर्ष उन्हें 19 अगस्त, 1 सितंबर, 17 सितंबर, 26 सितंबर, 11 दिसंबर, 29 दिसंबर को और 2024 में 13 जनवरी, 22 जनवरी और 27 जनवरी को भी समन भेजे गए थे। इस तरह उन्हें कुल दस समन भेजे गए, लेकिन इनमें से मात्र दो समन पर वह उपस्थित हुए। 

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यह पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की धारा 63 एवं आईपीसी की धारा 174 के तहत गैरकानूनी है। कोर्ट ने ईडी की ओर से दाखिल शिकायतवाद पर सुनवाई के बाद 4 मार्च 2024 को संज्ञान लिया था। बाद में यह मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। बाद में मुख्यमंत्री ने इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, हाईकोर्ट ने एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को रद्द करने से इनकार करते हुए ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस जॉयमंगल बागची की खंडपीठ में इस मामले में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने बहस की। दलील दी गई कि जिन समन पर वे उपस्थित नहीं हुए, उनका लिखित जवाब दिया गया था और बाद के समन पर वे ईडी के समक्ष पेश हुए थे। साथ ही शिकायतवाद को दुर्भावनापूर्ण बताया गया। 

Pic Credit : ANI


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