वर्ल्ड फूड इंडिया में 1 लाख करोड़ के एमओयू साइन होंगे: चिराग पासवान

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वर्ल्ड फूड इंडिया का चौथा संस्करण 25 से 28 सितंबर तक राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर की शाम 6 बजे करेंगे। इसी बीच केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को कहा कि वर्ल्ड फूड इंडिया का उद्देश्य देश और दुनिया में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े सभी वर्टिकल्स को एक मंच पर लाना है। 

चिराग पासवान ने कहा कि आज वर्ल्ड फूड इंडिया की शुरुआत हुई। दिल्ली के भारत मंडपम में चार दिनों तक इसका आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े सभी वर्टिकल्स को एक मंच पर लाना है, न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाकर विचारों और प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान करना है, ताकि इस क्षेत्र को बढ़ावा मिल सके।

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उन्होंने कहा कि चार दिनों में विभिन्न एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनका मूल्य 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक होगा। पिछले संस्करण में हस्ताक्षरित एमओयू में से 80 प्रतिशत को धरातल पर उतारा जा चुका है। इस उद्योग को बढ़ावा देना लक्ष्य है, जो रोजगार सृजन, किसानों की मदद और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और देश के अधिकांश राज्यों की मजबूत उपस्थिति इस आयोजन में देखने को मिलेगी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान पर चिराग पासवान ने कहा कि जब वे फोड़ेंगे तभी पता चलेगा कि उनका यह हाइड्रोजन बम क्या है। अभी तो जितनी बार वे आते हैं, वे उसी चीज पर बल देते हैं जिसकी वजह से एसआईआर प्रक्रिया को शुरू किया गया है। उनका बार-बार आकर यह कहना कि वोटर लिस्ट में धांधली हो रही है, तो उसी वजह से तो एसआईआर को लाया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ शिकायत भी आप करेंगे और शिकायत के समाधान के लिए जिस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा, उसमें भी दिक्कत है। मतलब चीटिंग भी अपनी, पट भी अपनी, यह नहीं चलेगा। अगर आपको इस व्यवस्था से दिक्कत है तो आपके पास कानूनी विकल्प भी हैं, लेकिन सिर्फ आना और आरोप लगाकर चले जाना गलत है।

Pic Credit : ANI


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