नीट परीक्षा के बाद क्या प्रधान सुरक्षित हो गए?

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कई महीने तक बैकफुट पर रहने के बाद अचानक आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। ध्यान रहे इसके लोग नीट यूजी पेपर लीक मामले में प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं और देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। पहली बार प्रधान ने उनके ऊपर पलटवार किया और वह भी तब जब रविवार, 21 जून को नीट यूजी की परीक्षा निर्विघ्न संपन्न हो गई। अब सवाल है कि क्या नीट यूजी की परीक्षा बिना किसी बाधा के हो जाने के बाद धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी सुरक्षित हो गई? उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से नहीं हटाया जाएगा या विभाग नहीं बदलेगा? पक्के तौर पर यह बात नहीं कही जा सकती है।

इसका कारण यह है कि अब भी कई परीक्षाओं में कई तरह की गड़ब़ड़ियों की खबरें आ रही हैं। सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग की प्रक्रिया में गड़बड़ी प्रमाणित हो गई है। पुनर्मूल्यांकन कराने वाले छात्रों से 20 से 30 फीसदी तक मार्क्स बढ़े हैं। पूरी सरकार को उन बच्चों और अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए, जिनको सरकार के नकारेपन से इतनी परेशानी झेलनी पड़ी। ऑन स्क्रीन मार्किंग का ठेका ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दिए जाने का मामला कोई छोटा मामला नहीं है। इसी तरह नीट यूजी में बिहार में जो गड़बड़ी हुई, जहां एक सेंटर पर छात्रों की जगह दूसरे लोग परीक्षा दे रहे थे वह भी बड़ा मामला है। उसमें भी बायोमेट्रिक का ठेका एक ब्लैकलिस्टेड रही कंपनी को दिया गया था।


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