‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने नीतीश का लेख छापा है

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नेताओं का लेख लिखना कोई नई बात नहीं है। इन दिनों यह चलन थोड़ा ज्यादा बढ़ गया है। एकाध अपवाद को छोड़ दें तो नेताओं के लेख अपनी नीतियों के प्रचार के लिए होते हैं या अपने बड़े नेता को खुश करने के लिए लिखे जाते हैं। नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री 12 साल पूरे करने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी अखबारों में लेख लिखा है। लेकिन अंग्रेजी के अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का लेख छपा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के शासन और उनकी राजनीति की भूरि भूरि प्रशंसा की है। सोचें, नीतीश कुमार की मानसिक अवस्था ऐसी नहीं है कि वे साधारण सूचना को प्रोसेस कर सकें।

दो दिन पहले ही उनके बेटे निशांत कुमार ने अपने जीवन में पहली बार किसी संवैधानिक पद के लिए नामांकन भरा लेकिन नीतीश कुमार उसमें भी नहीं गए। उनके करीबी लोग बताते हैं कि दो दिन के बाद भी कोई मिलने जा रहा है तो नीतीश कुमार को उसकी शक्ल और उसका नाम याद नहीं रह रहा है। यह बात ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के पटना के ब्यूरो चीफ से लेकर नई दिल्ली में प्रधान संपादक तक को मालूम है। फिर भी नीतीश कुमार का लेख छपा। पहले तो ऐसा लगा कि कोई पुराना लेख होगा, जिसे नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के मौके पर प्रकाशित किया गया है। लेकिन पढ़ने पर पता चला कि यह ताजा लेख है, जिसमें नीतीश ने मोदी सरकार की प्रशंसा की है। नीतीश के जिस भी करीबी नेता ने उसने तो पता नहीं क्या सोचा लेकिन ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की क्या साख रही, जिसने यह जानते हुए लेख छापा कि इसे नीतीश कुमार ने नहीं लिखा है!


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