अर्जुन सिंह का फॉर्मूला महिला आरक्षण में

Categorized as राजनीति

केंद्र सरकार महिला आरक्षण लागू करने जा रही है। अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू हो जाएगा। लोकसभा के साथ जिन राज्यों के चुनाव होते हैं वहां भी आरक्षण लागू हो जाएगा। उसके बाद हर राज्य के चुनाव में यह लागू होगा। पुराने फॉर्मूले के हिसाब से इसे लागू करने में समस्या थी। अब तक कोई भी पार्टी या सरकार इसे इस डर से लागू नहीं करती थी कि पुरुष सांसदों की टिकट कम करनी होगी। इससे नाराजगी हो सकती है। इस चिंता में न सिर्फ आरक्षण का कानून टलता रहा, बल्कि पार्टियों ने राजनीतिक रूप से भी महिलाओं की संख्या नहीं बढ़ाई। ममता बनर्जी और नवीन पटनायक अपवाद हैं, जिन्होंने बिना कानून के भी अपनी पार्टी की ओर से 30 फीसदी या उससे ज्यादा महिलाओं को टिकट दी। पिछले लोकसभा चुनाव में तो ममता बनर्जी ने 40 फीसदी टिकट महिला उम्मीदवारों को दी थी। अगर भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या कांग्रेस और राहुल गांधी ईमानदार होते तो इस कानून की जरुरत ही नहीं पड़ती। वे अपनी पार्टी में महिलाओं को 10 फीसदी टिकट देते हैं और कानून बनाने की कसम खाते हैं।

बहरहाल, इस मुश्किल से बचने का उपाय यह निकाला गया कि सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए। आरक्षण के लिए यह फॉर्मूला सबसे पहले अर्जुन सिंह ने अपनाया था। शिक्षण संस्थानों में पिछड़ी जातियों के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का उन्होंने जब फैसला किया तो उसके साथ साथ संस्थानों में सीटें बढा दी गईं। पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण लागू करने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा यह थी कि सामान्य जातियों की सीटें कम हो जाएंगी। इससे बचने का उपाय यह किया गया कि 27 फीसदी सीटें बढ़ा दी गईं। इससे कैम्पस में आंदोलन होने की संभावना खत्म हो गई और राजनीतिक नुकसान की संभावना भी नहीं रही। वैसे ही महिला आरक्षण के मामले में किया जा रहा है। सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर रही है और उसमें से एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाएंगी।


Previous News Next News

More News

भाजपा के सहयोगियों को चिंता

June 14, 2026

भारतीय जनता पार्टी की कई सहयोगी पार्टियां इन दिनों चिंता में बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट फूट से उनकी चिंता बढ़ी है। असल में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों…

नवीन पटनायक से सीखें ममता

June 14, 2026

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से ममता बनर्जी को सीखना चाहिए। 79 साल के नवीन पटनायक नए सिरे से शक्ति संचित कर रहे हैं और अपनी पार्टी को बचाने के साथ साथ उसे राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 के चुनाव के बाद उनकी पार्टी में…

केसीआर का दांव आजमाएंगे केजरीवाल

June 14, 2026

ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल चौंकाने वाला कोई फैसला कर सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे पंजाब में समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। ध्यान रहे पंजाब में अगले साल मार्च में चुनाव होने वाला है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल उससे पहले नवंबर में चुनाव कराना चाहते…

नीति आयोग की बैठक में पहुंचे सभी सीएम

June 14, 2026

केंद्र में पहली बार सरकार बनाने के बाद ही नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया था। उसके बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इससे पहले हर बार दो या तीन मुख्यमंत्री बैठक में…

विनाश से विकास की ओर बंगाल

June 14, 2026

असल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अंदर बेचैनी पहले से थी वे छटपटा रहे थे और निकलने को बेचैन थे। लेकिन दूसरी कोई संभावना उनको नहीं दिख रही थी इसलिए वे मन मार कर ममता बनर्जी के साथ थे। जैसे ही उन्हें सुवेंदु अधिकारी के रूप में दूसरी संभावना दिखी उन्होंने खुले मन से…

logo