नितिन नबीन की टीम में होंगे नए पुराने चेहरे

Categorized as राजनीति

नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। भाजपा में शुरू से चली आ रही परंपरा के मुताबिक उनका चुनाव निर्विरोध हुआ। उनके सिवा किसी और ने नामांकन नहीं किया। अध्यक्ष के तौर पर उनकी ऑथोरिटी को मजबूती देने वाली बात यह रही कि पार्टी की ओर से 37 सेट में नामांकन दाखिल हुआ और राजनाथ सिंह से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा ने कतार में लग कर नितिन नबीन के लिए नामांकन किया। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह जरूरी था कि पार्टी के शीर्ष नेता उनके पीछे अपने को खड़ा करें। यह मैसेज भाजपा ने बनवा दिया है। उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही राष्ट्रीय परिषद ने उनके नाम पर मुहर भी लगा दी। अब उनको नई टीम बनानी है। सबसे ज्यादा इंतजार इसी बात का हो रहा है कि अगर 45 साल का अध्यक्ष बना है तो उसकी टीम में किस उम्र के लोग होंगे और उनकी नई टीम की औसत आयु क्या होगी?

ध्यान रहे नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भाजपा हो या अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की भाजपा रही हो उनके जो भी अध्यक्ष होते थे उनकी टीम में एक निरंतरता दिखती थी। बिल्कुल नए या अनजान चेहरों को पार्टी संगठन का काम करने में नहीं लगाए जाने का रिवाज है। अमित शाह ने जो टीम बनाई लगभग वही टीम जेपी नड्डा के साथ काम करती रही और। एकाध बदलाव जरूर हुए लेकिन सब बदल देने वाला हिसाब कभी नहीं रहा है। शाह की टीम के लोग नड्डा की टीम में रहे तो नड्डा की टीम के लोग नितिन नबीन की टीम में रहेंगे। धीरे धीरे बदलाव होगा। जानकार सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन की टीम नए और पुराने चेहरों का मिक्स होगी। यह भी कहा जा रहा है कि पदाधिकारियों की अधिकतम उम्र सीमा 60 साल बताई जा रही है।

ध्यान रहे भाजपा हो या कांग्रेस दोनों पार्टियों में सबसे अहम महासचिव का रोल होता है। तभी अनुभवी लोगों को महासचिव बनाया जाता है। बाकी सचिवों में नए लोग लाए जाते हैं, जिनमें से बाद में अपनी योग्यता या नेतृत्व के प्रति निष्ठा के आधार पर कुछ लोग प्रमोशन पाते हैं। भाजपा में उपाध्यक्ष बनाने की भी व्यवस्था है, जो सजावटी होती है। सो, नितिन नबीन की टीम में भी इसी बात का कयास है कि महामंत्री कौन कौन होंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि नड्डा की टीम के दो महामंत्रियों सुनील बंसल और विनोद तावड़े को उनकी टीम में जगह मिलेगी। इसके अलावा एक बड़े नाम की चर्चा है। बताया जा रहा है कि राम माधव की भाजपा महामंत्री के रूप में वापसी हो सकती है। पिछले काफी दिन से वे पृश्ठभूमि में रह कर पार्टी और प्रधानमंत्री के लिए काम कर रहे हैं। संगठन महामंत्री बीएल संतोष ही रहेंगे। सो, चार महामंत्रियों के नाम तय बताए जा रहे हैं। बाकी नए चेहरे होंगे। राधामोहन दास अग्रवाल की विदाई होगी। वैसे भी गोरखपुर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तो प्रदेश अध्यक्ष भी वही के बन गए हैं। इसलिए वही के सांसद का महामंत्री रहना संभव नहीं दिख रहा है। तरुण चुघ, दुष्यंत गौतम और अरुण सिंह के भी महामंत्री रहने पर संदेह है। सुधांशु त्रिवेदी, अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या, अनिल बलूनी आदि को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। प्रवक्ताओं की टीम कमोबेश वही रहने वाली है। नए सचिवों की नियुक्ति होगी। राजेश अग्रवाल कोषाध्यक्ष रहते हैं या उनकी जगह कोई नया आता है यह देखने वाली बात होगी।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo