असम में हिमंता सरकार की वापसी

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गुवाहाटी। असम में भारतीय जनता पार्टी ने जीत की हैट्रिक लगाई है। उसने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। असम में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने अकेले दम पर बहुमत हासिल किया है। उसके गठबंधन को 102 सीटें मिली हैं लेकिन 126 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा ने अकेले 82 सीटें हासिल की हैं। बहुमत का आंकड़ा 64 सीटों का है। चुनाव के पहले ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया था कि इस बार भाजपा अकेले बहुमत हासिल करेगी। भाजपा की सहयोगियों में असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट दोनों को 10-10 सीटें मिली हैं। भाजपा गठबंधन को 48 फीसदी के करीब वोट मिले हैं।

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। उसे सिर्फ 19 सीटें मिली हैं। उसकी सहयोगी रायजोर दल ने दो सीटें जीती हैं। उसकी दूसरी सहयोगी असम जातीयता परिषद को कोई सीट नहीं मिली है। बदरूद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ को दो और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को एक सीट मिली है। कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार गौरव गोगोई जोरहाट सीट पर चुनाव हार गए हैं। वे जोरहाट से ही सांसद हैं और लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता हैं।


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