तमिलनाडु में ‘विजय’ का सूर्य

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चेन्नई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सबसे चौंकाने वाला नतीजा तमिलनाडु में आया है, जहां तमाम एक्जिट पोल अनुमानों के उलट फिल्म स्टार विजय की पार्टी टीवीके चुनाव जीत गई है। राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ था और 85 फीसदी लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के बाद आए एक्जिट पोल अनुमानों में डीएमके नेतृत्व वाले सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस की जीत का अनुमान जताया गया था। दूसरे स्थान पर अन्ना डीएमके को बताया गया था। लेकिन इन दोनों पार्टियों को छोड़ कर विजय की पार्टी टीवीके ने अकेले 107 सीटें हासिल की हैं। पड़ोस में स्थित केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में फिर से एनडीए की सरकार बनाने का जनादेश मिला है।

तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 सीट का है। इसलिए विजय को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के समर्थन की जरुरत होगी। पिछले चुनाव में भारी बहुमत से जीती डीएमके को बड़ा झटका लगा है। स्टालिन की पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन सिर्फ 74 सीटें हासिल कर पाया है। खुद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चेन्नई की कोलाथुर सीट से हार गए हैं। उन्हें टीवीके के बीएस बाबू ने आठ हजार वोट हराया, जो पहले डीएमके में ही थे। विजय दो सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों पर जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि विजय दो साल पहले नई पार्टी का गठन किया था और उसी समय ऐलान किया था कि वे 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनको बहुमत के लिए जरूरी सीटें कहां से मिलेंगी इस पर उनके पिता चंद्रशेखर का कहना था कि वे कांग्रेस से तालमेल कर सकते हैं। लेकिन कांग्रेस के पास सिर्फ पांच ही सीटें हैं। पिछली बार 18 सीटों पर जीती कांग्रेस ने इस बार तीन सीट ज्यादा लड़ी थी लेकिन वह सिर्फ पांच सीट जीत पाई।

अन्ना डीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए को 54 सीटें मिली हैं, जिसमें अन्ना डीएमके की 47 सीटें हैं। राज्य में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पिछली बार चार सीटों पर जीती भाजपा सिर्फ एक सीट जीत पाई है। गठबंधन की अन्य सहयोगियों को छह सीटें मिली हैं। अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो विजय की पार्टी को 35 फीसदी वोट मिले हैं। डीएमके को 24 और अन्ना डीएमके को 21 फीसदी वोट मिले।

तमिलनाडु से सटे पुडुचेरी में एक बार फिर एनडीए को बहुमत मिल गया है। एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले एनडीए ने 30 सदस्यों की विधानसभा 16 सीटें हासिल कर ली हैं। बहुमत का आंकड़ा 16 सीटों का ही है। एनआर कांग्रेस को 12 और भाजपा को चार सीटें मिली हैं। डीएमके ने पांच और कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट जीती है। विजय की पार्टी टीवीके को दो सीटें मिली हैं। सात सीटें अन्य के खाते में गई हैं।


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