विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को कुचला:मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दलों ने सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद संसद में महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को पारित न होने देकर महिलाओं के सपनों को ‘‘निर्दयतापूर्वक कुचल’’ दिया है। मोदी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के एक दिन बाद राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थ भरी राजनीति की कीमत देश की महिलाओं को चुकानी पड़ी है और इन दलों ने विधायी निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयासों को विफल कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं देश की सभी महिलाओं से क्षमा मांगता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि भारत की महिलाओं की प्रगति किस प्रकार रुक गई है। देश की महिलाओं के सपनों को निर्दयतापूर्वक कुचल दिया गया है, और हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो सके।’’
मोदी ने कहा कि महिलाओं ने देखा है कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसी पार्टियां महिला सशक्तीकरण के खिलाफ अपनी ‘‘स्वार्थ भरी राजनीति का जश्न’’ कैसे मनाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने पाप किया है और उसे इसके लिए निश्चित रूप से दंड मिलेगा। विपक्षी दलों ने विधेयक को विफल कर हमारे संविधान का अपमान किया है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य किसी से कुछ भी छीने बिना महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी पिछली गलतियों को सुधारेगी, लेकिन उसने नया इतिहास रचने का मौका गंवा दिया। परिवारवाद से ग्रसित पार्टियां महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने देना चाहतीं, क्योंकि इससे उनकी स्वार्थी राजनीति का अंत हो सकता है।’’

मोदी ने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि कांग्रेस उत्तर-दक्षिण विभाजन के बारे में झूठी बातें फैला रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एक महिला सबकुछ भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती; कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा किया गया यह अपमान हर महिला के दिल में हमेशा रहेगा।’’

मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन समय की आवश्यकता थी और उत्तर, दक्षिण, पूर्व तथा पश्चिम में संतुलित सशक्तीकरण सुनिश्चित करने का एक ईमानदार प्रयास था। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण और देश में सुधार के सभी प्रयासों का हमेशा विरोध किया है।’’


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