महिला आरक्षण, परिसीमन बिल पेश

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। संसद से पास होने के ढाई साल के बाद एक बार फिर महिला आरक्षण और परिसीमन का बिल लोकसभा में पेश किया गया है। सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से जिस बिल को पास किया गया था वह लागू नहीं हो सका। लेकिन अब सरकार उसमें संशोधन करने जा रही है। गुरुवार को इसके लिए तीन बिल लोकसभा में पेश किए गए और उस पर चर्चा शुरू हुई। शुक्रवार को शाम चार बजे तक चर्चा होगी और उसके बाद इस पर वोटिंग होगी। इसमें एक बिल नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन है, जिसे विशेष बहुमत यानी सदन में मौजूद और वोटिंग करने वाले सदस्यों की दो तिहाई संख्या से पास कराना होगा। नए कानून के तहत लोकसभा सदस्यों की संख्या बढ़ा कर 850 की जाएगी और उसमें से दो तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

तीन दिन के सत्र के पहले दिन गुरुवार को तीन विधेयकों को लोकसभा में पुर्नस्थापित करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई। लेकिन विपक्ष ने मत विभाजन की मांग की। इसके बाद स्पीकर ने वोटिंग की अनुमति दी। विधेयकों के पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 वोट पड़े। इसके बाद तीनों विधेयकों पर चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा की तरफ से कानून मंत्री अुर्जन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान को यह शक्ति दी है कि संशोधन करके लोकहित के फैसले ले सकते हैं। ये तीनों बिल, महिलाओं के लिए हैं’।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि अगर विपक्ष इसका श्रेय लेना चाहता है तो वह ले सकता है। मोदी ने कहा, ‘यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है’। उन्होंने आगे कहा, ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं’।

मोदी ने कहा, ‘अगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं। तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं। क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है’। डीएमके सांसदों के ‘विरोध के तौर पर काले कपड़े पहन कर आने पर मोदी ने कहा, हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं’।

मोदी ने विपक्षी पार्टियों को नसीहत देते हुए कहा, ‘हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया है। उसका हाल बुरे से बुरा किया है। कभी माफी नहीं मिली’। उन्होंने कहा, ‘इसलिए जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें। इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे। इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है’।


Previous News Next News

More News

कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला

July 30, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला जारी है। अलग अलग कारणों से मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। कुछ और मंत्रियों का इस्तीफा होना है, जिसका इंतजार चल रहा है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थोड़ी अलग परिस्थितियों में हुआ है। इसकी तुलना यूपीए दो की सरकार में खेल मंत्री रहे…

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

logo