परिसीमन का विरोध करेगा विपक्ष

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। विपक्ष ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वह महिला आरक्षण के समर्थन में है लेकिन परिसीमन का विरोध करेगा। विपक्षी पार्टियों ने बुधवार, 15 अप्रैल को बैठक करके फैसला किया कि अगर सरकार लोकसभा की मौजूदा सीटों यानी 543 सीट पर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का कानून लाती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। लेकिन परिसमन के जरिए सीटें बढ़ाने का विपक्ष विरोध करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग के बाद विपक्ष के इस स्टैंड का ऐलान किया।

विपक्षी पार्टियों के इस रुख से सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। सरकार गुरुवार, 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिन के सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए संविधान संशोधन से जुड़े तीन विधेयक ला रही है। इससे एक दिन पहले बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर पर विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। बैठक में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस, राजद, उद्धव ठाकरे की शिव सेना, शरद पवार की एनसीपी और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। इसलिए हमने परिसीमन बिल के विरोध का फैसला किया है’। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘पूरा विपक्ष बिल के खिलाफ वोट करेगा’। गौरतलब है कि केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल को होने वाली संसद की बैठक में तीन बिल लाने वाली है। इनमें संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 शामिल हैं।

केंद्र सरकार का प्रस्ताव लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ा कर 850 करना है। इनमें 815 सीटें राज्यों की और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। इन साढ़े आठ सौ सीटों में से करीब महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें यानी 280 से ज्यादा सीटें आरक्षित होंगी। इन तीन विधेयकों पर विचार के लिए हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक में तय किया गया कि इसे मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर ही 2029 के चुनाव से लागू किया जाए।  बैठक की दूसरी खास बात यह रही कि सभी विपक्षी पार्टियों ने कहा कि वे परिसीमन के प्रावधानों के बिल्कुल खिलाफ हैं। विपक्ष के नेता लोकसभा और राज्यसभा की बहस में भाग लेंगे और इसका विरोध करेंगे।


Previous News Next News

More News

भाजपा के सहयोगियों को चिंता

June 14, 2026

भारतीय जनता पार्टी की कई सहयोगी पार्टियां इन दिनों चिंता में बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट फूट से उनकी चिंता बढ़ी है। असल में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों…

नवीन पटनायक से सीखें ममता

June 14, 2026

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से ममता बनर्जी को सीखना चाहिए। 79 साल के नवीन पटनायक नए सिरे से शक्ति संचित कर रहे हैं और अपनी पार्टी को बचाने के साथ साथ उसे राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 के चुनाव के बाद उनकी पार्टी में…

केसीआर का दांव आजमाएंगे केजरीवाल

June 14, 2026

ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल चौंकाने वाला कोई फैसला कर सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे पंजाब में समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। ध्यान रहे पंजाब में अगले साल मार्च में चुनाव होने वाला है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल उससे पहले नवंबर में चुनाव कराना चाहते…

नीति आयोग की बैठक में पहुंचे सभी सीएम

June 14, 2026

केंद्र में पहली बार सरकार बनाने के बाद ही नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया था। उसके बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इससे पहले हर बार दो या तीन मुख्यमंत्री बैठक में…

विनाश से विकास की ओर बंगाल

June 14, 2026

असल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अंदर बेचैनी पहले से थी वे छटपटा रहे थे और निकलने को बेचैन थे। लेकिन दूसरी कोई संभावना उनको नहीं दिख रही थी इसलिए वे मन मार कर ममता बनर्जी के साथ थे। जैसे ही उन्हें सुवेंदु अधिकारी के रूप में दूसरी संभावना दिखी उन्होंने खुले मन से…

logo