मादुरो की गिरफ्तारी का विरोध

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नई दिल्ली। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके देश की राजधानी काराकास पर हमला करके गिरफ्तार करने के अमेरिकी कदम का चौतरफा विरोध हो रहा है। दुनिया के अनेक देशों ने इसकी आलोचना की है। चीन ने मादुरो को तत्काल रिहा करने की मांग की है। चीन के अलावा रूस, ब्राजील, स्पेन, उत्तर कोरिया आदि देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। ब्रिटेन ने निंदा नहीं की है लेकिन कहा है कि ब्रिटेन किसी तरह के उपनिवेशवाद के खिलाफ है।

बहरहाल, चीन ने अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की है। चीन विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि किसी देश के राष्ट्रपति को इस तरह अपने देश ले जाना गलत है। इस मुद्दे का हल बातचीत से होना चाहिए। इससे पहले भी चीन ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। रूस ने वेनेजुएला पर हमले के तुरंत बाद इसकी निंदा की थी और इसे सशस्त्र आक्रमण बताया था। गौरतलब है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को रूस का करीबी माना जाता था।

यूरोपीय देशों में स्पेन ने इसकी खुल कर आलोचना की है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कहा है कि अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन है और स्पेन सरकार इसकी निंदा करती है। अपनी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्यों को एक चिट्ठी लिख कर सांचेज ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। ​​​​​​​पेद्रो सांचेज ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि वेनेजुएला में जो कुछ हुआ, वह किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, किसी दूसरे देश में घुसकर वहां के राष्ट्रपति को पकड़ना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।​​​​​​​

उत्तर कोरिया ने वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई को गुंडागर्दी बताया है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई किसी भी देश की आजादी और संप्रभुता पर किया गया सबसे गंभीर हमला है। गौरतलब है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद मीडिया में खबर आई थी कि उत्तर कोरिया ने जापान की ओर दो मिसाइल दागी। हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई।

गौरतलब है कि निकोसल मादुरो इस समय न्यूयॉर्क में हैं और उनके ऊपर अगले हफ्ते से मुकदमा शुरू होगा। अमेरिका उनके ऊपर नारको टेरर के आरोप में मुकदमा चलाएगा। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शनिवार को कहा था कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाएगा। ब्रिटेन की सरकार ने इस बयान पर कहा है कि उसे अभी ये समझ नहीं आ रहा है कि इस बात का क्या मतलब है। ब्रिटेन के मंत्री डैरेन जोन्स ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ब्रिटिश सरकार इस बयान को लेकर उलझन में है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने साफ कहा कि ब्रिटेन किसी भी तरह के उपनिवेशवाद के पक्ष में नहीं है।

उधर अमेरिका में भी वेनेजुएला में हुए हमले की आलोचना हो रही है और इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका के कई शहरों में शनिवार और रविवार को प्रदर्शन हुए। न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी ने भी इस हमले की आलोचना की। उन्होंने इसे ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया और कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून दोनों का उल्लंघन है।


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