कैबिनेट ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को दी मंजूरी

Categorized as समाचार

पीएम मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी। आधिकारिक बयान के अनुसार, आठवां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। इसके अलावा, आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (पार्ट-टाइम) और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। 

बयान में कहा गया है कि आयोग अपने गठन की तारीख से डेढ़ वर्ष यानी 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करेगा। इसके अलावा, अगर जरूरी हो तो सिफारिशों को अंतिम रूप दिए जाने पर आयोग किसी भी मामले पर अंतरिम रिपोर्ट भेजने पर भी विचार कर सकता है। आयोग को अपनी सिफारिशें देते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। 

आयोग को देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की वित्तीय व्यवस्था के प्रबंधन, खर्च और राजस्व के संतुलन को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।

इसके अलावा, गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की गैर-वित्तपोषित लागत को ध्यान में रखा जाना जरूरी होगा। इसके अलावा, आयोग को अपनी सिफारिशों को लेकर राज्य सरकारों के वित्त पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को भी ध्यान में रखना होगा। 

Also Read : आंध्र प्रदेश में आज लैंडफॉल करेगा चक्रवात ‘मोंथा’

वहीं, सिफारिशों को लेकर आयोग को केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध पारिश्रमिक संरचना, लाभ और कार्य स्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा।

आयोग को सिफारिशों के संदर्भ में यह सुनिश्चित करना होगा कि कल्याणकारी उपायों और विकास व्यय के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पारिश्रमिक स्ट्रक्चर, रिटायरमेंट से जुड़े लाभों और दूसरी सेवा-शर्तों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर विचार करने और उनमें आवश्यकता पड़ने पर बदलावों के लेकर सिफारिशों को लेकर केंद्रीय वेतन आयोगों के समय-समय पर गठन की जरूरत होती है। आम तौर पर वेतन आयोगों की सिफारिशें 10 वर्ष की अवधि के अंतराल पर लागू की जाती है। 

केंद्र सरकार की ओर से इस वर्ष 2025 में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और दूसरी सेवाओं को लेकर बदलावों की जांच करने और सुझाव देने के लिए 8वें केंद्रीय वित्त आयोग के गठन को लेकर एलान किया गया था।

Pic Credit : X


Previous News Next News

More News

सोनिया व राहुल के खिलाफ कानूनी मामले

April 20, 2026

सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ऐसा नहीं है कि सिर्फ राजनीतिक स्तर पर भाजपा की लड़ाई चल रही है। भाजपा के नेता किसी न किसी कानूनी मुकदमे में भी दोनों को उलझाए रखना चाहते हैं। नेशनल हेराल्ड मामले में तो दोनों के खिलाफ धनशोधन का मामला चल ही रहा है, राहुल गांधी के…

स्टालिन और राहुल एक साथ मंच पर नहीं आए

April 20, 2026

राहुल गांधी बड़ी मुश्किल से तमिलनाडु में प्रचार के लिए गए। शनिवार को उन्होंने कई जगह जनसभाओं को संबोधित किया और डीएमके, कांग्रेस व वीसीके सहित दूसरी सहयोगी पार्टियों के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। लेकिन सबसे हैरानी की बात यह रही कि राहुल गांधी और एमके स्टालिन ने कहीं पर मंच साझा नहीं किया।…

चुनाव के दौरान छापा और उम्मीदवारों को नोटिस

April 20, 2026

पुराने तमाम नेता यह दोहराते रहे हैं कि राजनीति सिर्फ नियम, सिद्धांत, विचार या परंपरा से नहीं, बल्कि लोकलाज से चलती है। पुराने नेता इसका बहुत ध्यान रखते थे। नियम भले नहीं हो लेकिन एक अघोषित परंपरा रही है कि चुनाव के समय केंद्रीय या राज्यों की एजेंसियां सत्तारूढ़ दल के विरोधी नेताओं को परेशान…

पूर्वोत्तर में भाजपा को झटका

April 20, 2026

केंद्र में 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने पूर्वोत्तर में सबसे तेजी से विस्तार किया। केंद्र में आने के दो से तीन साल के भीतर पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भाजपा की या उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकार बन गई। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि पूर्वोत्तर में हवा उलटी चल…

केंद्रीय सतर्कता आयोग से क्या बना?

April 20, 2026

सीबीआई द्वारा जांचे गए 7,072 भ्रष्टाचार के मामले अदालतों में लंबित हैं, जिनमें से 379 मामले 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं। 2,660 मामले 10 वर्ष से ज्यादा लंबित हैं। यह आंकड़ा न केवल न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाता है, बल्कि सीवीसी की निगरानी वाली पूरी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता…

logo