गहराती जा रही आशंकाएं

Categorized as संपादकीय

ईरान युद्ध पर सारा ध्यान केंद्रित करना उचित नहीं होगा। चालू खाता घाटे में क्यों रहा और भारत में निवेश में फायदा दिखना क्यों बंद हुआ, यह असल सवाल है, जिस पर अवश्य विचार होना चाहिए।

रुपये की कीमत प्रति डॉलर 100 रुपये तक गिरने की आशंका अब सघन हो गई है। इसकी वजह देश के पूंजी खाते का घाटा बढ़ता जाना है। चालू खाता (आयात और निर्यात का अंतर) तो लगातार ही घाटे में था। मगर पूंजीगत खाते (विदेशी निवेश) की बेहतर सेहत और विदेशों से भारतीयों द्वारा भेजे जाने वाली विदेश मुद्रा की अच्छी स्थिति के कारण 2024 तक भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी कमजोरियों पर परदा पड़ा रहा। 2025 में आकर ये कहानी पलटनी शुरू हो गई, जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 20 बिलियन डॉलर की रकम निकाल ली। 2026 में अब तक वे 26 बिलियन डॉलर और निकाल चुके हैं।

इसी बीच भारतीय पूंजीपतियों ने विदेश में निवेश बढ़ा दिया है। एक अमेरिकी विज्ञप्ति के मुताबिक हाल में निवेशकों के एक सम्मेलन में भारतीय पूंजीपतियों ने अमेरिका में 20.5 बिलियन डॉलर के निवेश का एलान किया। उधर ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों द्वारा भेजी जाने वाली रकम में भी बड़ी गिरावट आई है। नतीजा देश में घबराहट फैलना है। नरेंद्र मोदी सरकार ने इस स्थिति का पूरा दोष ईरान युद्ध के बने हालात डाला है, लेकिन वह पूरी हकीकत नहीं है। इस जंग ने पहले से बिगड़ रही हालत को बदतर भर बनाया है। असल मुद्दा यह है कि निवेशक पहले से पैसा क्यों निकाल रहे थे और भारतीय पूंजीपति देश में निवेश क्यों नहीं कर रहे हैं?

जहां तक विदेशी संस्थागत निवेशकों का प्रश्न है, तो वे किसी दीर्घकालिक वादे के साथ कहीं नहीं जाते। जहां तुरंत मुनाफा दिखता है, उड़ कर वहां पहुंच जाते हैं। फिलहाल, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के फूलते बबूले ने उन्हें आकर्षित किया है। फिर उपभोग ना बढ़ने तथा रुपये की कीमत में क्रमिक गिरावट के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीदें लगातार कमजोर पड़ी हैं। इसी कारण भारतीय पूंजीपतियों ने भी विदेश का रुख किया है। अतः युद्ध पर सारा ध्यान केंद्रित करना उचित नहीं होगा। चालू खाता घाटे में क्यों रहा और भारत में निवेश में फायदा दिखना क्यों बंद हुआ, यह असल सवाल है, जिस पर विचार होना चाहिए।


Previous News Next News

More News

तीन आदिवासी बालिकाओं की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण, कठोर कार्रवाई हो: दिग्विजय सिंह

June 3, 2026

राज्यसभा सांसद एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम सगौर में कुएं में डूबने से तीन नाबालिग आदिवासी बालिकाओं की हुई दर्दनाक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही एवं पेयजल व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण बताते…

कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री बने डीके शिवकुमार, भव्य समारोह में ली शपथ

June 3, 2026

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बुधवार को राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु स्थित लोक भवन परिसर के ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद्र गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समर्थकों के नारों के बीच डी.के. शिवकुमार मंच पर पहुंचे और सबसे पहले…

परिसीमन बिल आएगा तो अब क्या होगा?

June 3, 2026

केंद्र सरकार एक बार फिर परिसीमन बिल लाने की तैयारी कर रही है। पिछली बार भी इसे परिसीमन के नाम पर नहीं लाया गया था। तब भी महिला आरक्षण के लिए बने नारी शक्ति वंदन कानून के साथ इसे जोड़ा गया था। संसद का बजट सत्र समाप्त होने के बाद सरकार ने सत्रावसान नहीं करके…

विपक्ष की कमान कांग्रेस के हाथ में

June 3, 2026

विपक्षी पार्टियों को इसका अंदाजा है कि केंद्र सरकार परिसीमन बिल लाना चाहती है। संविधान के 131वें संशोधन बिल के जरिए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करना चाहती है और सीटें बढ़ा कर 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना चाहती है। विपक्ष ने पिछली बार इसे रोक दिया था।…

हिमाचल में कांग्रेस के सामने बड़ी समस्या

June 3, 2026

सब जगह सत्तारूढ़ पार्टियां स्थानीय निकायों के चुनाव जीत रही हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। इससे पहले गुजरात में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। तेलंगाना में ऐसे ही कांग्रेस ने बहुत बड़ी जीत हासिल की थी। एक केरल अपवाद था, जहां सत्तारूढ़ वाम मोर्चा को कांग्रेस ने…

logo