समय- सीमा से आगे

Categorized as संपादकीय

शाह ने उचित ही यह कहा कि माओवाद का संबंध विकास के अभाव या आदिवासियों से नाइंसाफी से नहीं है। बल्कि इसका संबंध एक खास विचारधारा से है। दरअसल, सफलता के वर्तमान विजयघोष के बीच इस पहलू को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।

केंद्र ने एलान किया था कि 31 मार्च 2026 तक भारत को वाम चरमपंथ (माओवाद) से मुक्त कर दिया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक ये लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। शाह ने संसद में कहा कि माओवादी पार्टी के एक बड़े नेता को छोड़ कर बाकी सब का या तो सफाया हो गया या उन्होंने समर्पण कर दिया है। इस संबंध में विस्तृत आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा कि बातचीत, सुरक्षा, और समन्वय के सही तालमेल से ये कामयाबी हासिल हुई है। जहां तक भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का संबंध है, गृह मंत्री की इस राय से आम तौर पर सहमत हुआ जा सकता है।

भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन की चरमपंथी धारा में ये सबसे अधिक उग्रवादी पार्टी रही है। अब समर्पण कर चुके इसके नेताओं ने माना है कि भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था के चरित्र का उन्होंने गलत आकलन किया और गलत रणनीतियां अपनाईं। नतीजतन, वे दुर्गम पवर्तीय इलाकों तक सीमित रह गए। ऐसी खबरें हैं कि धीरे-धीरे वहां के आवाम के बीच भी उनकी रणनीति का विरोध शुरू हो गया था। इसी बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के अपने नजरिए के अनुरूप सुरक्षा रणनीति अपनाई, जो इस मौके पर कामयाब होती दिखी है।

शाह ने उचित ही यह कहा कि माओवाद का संबंध विकास के अभाव या आदिवासियों के साथ नाइंसाफी से नहीं है। बल्कि इसका संबंध उस विचारधारा से है, जो रूस और चीन में सफल हुई। और इसीलिए वर्तमान सफलता के विजयघोष के बीच इस पहलू को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। विचारधाराएं वक़्ती हालात से लोकप्रिय या अलोकप्रिय होती हैं, जिनके अलग-अलग रूपों में उदय की संभावनाएं हमेशा मौजूद रहती हैं। अतः इनके विस्तार या संकुचन को समय-सीमा में बांधना वस्तुगत समझ नहीं है। इसे अनवरत प्रक्रिया मानना बेहतर दृष्टिकोण होगा। वैसे, इस पूरे प्रकरण को दलगत रूप देना भी अवांछित ही है। शाह ने इस मुद्दे पर विपक्ष- खासकर कांग्रेस को निशाने पर लेकर इस प्रकरण को सियासी रंग देने का अनावश्यक प्रयास किया। बेहतर होता, वे इसे राष्ट्रीय सफलता के रूप में पेश करते।


Previous News Next News

More News

अफगानिस्तान में पुराने युद्ध का ब‍िना फटा बम अचानक फटने से क‍िशोर घायल

June 3, 2026

अफगानिस्तान के पूर्वी गजनी प्रांत में मंगलवार को बम फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने बुधवार को दी। यह घटना गिलान जिले में हुई। लड़के को एक खिलौने जैसी दिखने वाली चीज मिली थी और वह उससे खेलने लगा। तभी वह वस्तु अचानक फट गई…

पटना : खान सर की कोचिंग पर हमला करने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार

June 3, 2026

बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ और गार्ड के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद भी शामिल बताए जा रहे हैं।   पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस…

दिल्ली : मालवीय नगर के बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, 10 लोगों की मौत

June 3, 2026

बुधवार सुबह दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित बहुमंजिला ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में भीषण आग लग गई। इसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाल लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की।  दिल्ली पुलिस के मुताबिक घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका…

ममता बनर्जी का टीएमसी को टूटने से बचाने के लिए बड़ा फैसला, संगठन में होंगे फेरबदल

June 3, 2026

पश्चिम बंगाल की सत्ता में 15 साल तक काबिज रही टीएमसी अब टूटने के कगार पर है और पार्टी को बचाने के लिए पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत पार्टी की सभी समितियां, साथ ही इसके सभी फ्रंटल संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए…

तीन आदिवासी बालिकाओं की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण, कठोर कार्रवाई हो: दिग्विजय सिंह

June 3, 2026

राज्यसभा सांसद एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम सगौर में कुएं में डूबने से तीन नाबालिग आदिवासी बालिकाओं की हुई दर्दनाक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही एवं पेयजल व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण बताते…

logo