श्रमिकों की भी सुनें

Categorized as संपादकीय

इस दलील में दम है कि श्रम अधिकारों का मामला राजनीतिक दायरे में आता है, जिस बारे में निर्णय संसद या सरकार को ही लेना चाहिए। मगर जहां मुद्दा संवैधानिक अधिकारों से जुड़ता हो, वहां कोर्ट की भूमिका बन जाती है।

किन गतिविधियों को “उद्योग” माना जाए, यह तय करने की जिम्मेदारी फिर सुप्रीम कोर्ट ने अपने हाथ में ली है। मगर केंद्र ने उससे सहमत नहीं है। 1978 में “उद्योग” की परिभाषा सर्वोच्च न्यायालय की सात सदस्यीय संविधान पीठ ने तय की थी। अब उस पर पुनर्विचार करने के लिए कोर्ट ने नौ जजों की बेंच बनाई है। उसके सामने अपना पक्ष रखते हुए केंद्र ने कहा कि कोर्ट को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। केंद्र चाहता है कि सरकारी एवं समाज कल्याण से जुड़े कार्यों को “औद्योगिक गतिविधि” ना माना जाए। यह तर्क मंजूर होने का मतलब होगा कि इन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मी श्रम कानूनों/  संहिताओं के तहत मिले अधिकार/ लाभ से वंचित हो जाएंगे।

जाहिर है, इस प्रकरण का संबंध श्रमिकों से भी है। इसलिए इस मामले में उनका पक्ष भी महत्त्वपूर्ण होगा। इस दलील में दम है कि श्रम अधिकारों से संबंधित पहलू राजनीतिक दायरे का हिस्सा हैं, जिनके बारे में निर्णय संसद या सरकार को ही लेना चाहिए। मगर जहां मुद्दा संवैधानिक अधिकारों से जुड़ता हो, वहां कोर्ट की भूमिका बन जाती है। इसीलिए 1978 बैंगलोर जल आपूर्ति विभाग से जुड़े मामले में निर्णय तक पहुंचने के लिए सुप्रीम कोर्ट को संविधान पीठ का गठन करना पड़ा था। 2005 में उत्तर प्रदेश सरकार बनाम जयवीर सिंह मामले में ये विवाद फिर उठा, जो अब तक लंबित है।

उसी सिलसिले में अब कोर्ट नौ जजों की बेंच बनाई गई है। 1978 में कोर्ट ने कहा था कि कोई संगठन “उद्योग” की श्रेणी में आता है या नहीं, यह तय करने की कसौटी यह नहीं हो सकती कि “मुनाफा” कमाना उसका मकसद है या नहीं। इसके लिए कोर्ट ने तीन पैमाने तय किएः व्यवस्थित गतिविधि, प्रबंधन एवं श्रमिकों के बीच सहयोग, और वस्तु एवं सेवाओं का उत्पादन अथवा वितरण। इस तरह चैरिटी, सामाजिक कार्य एवं कल्याण कार्यों से जुड़े संगठन भी “उद्योग” के दायरे में आ गए। ये फैसला उस दौर में आया, जब वैचारिक दायरे में श्रमिकों के हित सर्वोपरि माने जाते थे। आज माहौल बदल चुका है। फिर भी श्रमिक हितों का ख्याल किया जाना चाहिए।


Previous News Next News

More News

होर्मुज को लेकर लंदन में होगी यूरोपीय देशों की अगली बैठक

April 18, 2026

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सीजफायर जारी रहने तक खुला रखने का ऐलान किया। हालांकि, अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड को लेकर ईरान ने स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी भी दी है।   होर्मुज को पूरी तरह से खुला रखने को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में बीते दिन एक मीटिंग हुई, जिसमें लगभग 40…

जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद को एनआईए ने किया गिरफ्तार

April 18, 2026

जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 30 साल पुराने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया है। शब्बीर को मार्च में ही दो मामलों में जमानत मिली थी। 1996 में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप के मामले में एनआईए की श्रीनगर ब्रांच ने शब्बीर अहमद शाह को…

आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

April 18, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिन में संसद सत्र समाप्त होने के बाद सभी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ एक औपचारिक बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी की,…

कैबिनेट ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा के ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ प्रस्ताव को दी मंजूरी

April 18, 2026

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय जहाजों और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में 12,980 करोड़ रुपए की सरकारी गारंटी के साथ एक घरेलू बीमा पूल बनाने के प्रस्ताव को…

बिहार विधानसभा का विशेष सत्र 24 अप्रैल को

April 18, 2026

बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं। इसी क्रम में 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।   यह सत्र बिहार की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास…

logo