नेपाल बार-बार दिखाता है कि सत्ता और जनता का रिश्ता संविधान से नहीं, सड़कों पर गिरते लहू, आंसुओं और टूटती आवाज़ों से मापा जाता है। तराई से पहाड़ तक पथराव हुआ, गोलियां चलीं और लाठियां टूटीं। यह विरोध केवल आज का नहीं है; यह उन असंतोषों की कड़ी है, जो कभी मधेश आंदोलन, कभी जातीय… Continue reading नेपाल में जनता का संघर्ष बार-बार
