अलग अलग समय में हुए दुनिया के दो महान विचारकों ने विचारधारात्मक युद्ध में शब्द और भाषा के इस्तेमाल को लेकर बहुत कुछ लिखा है। पहले जॉर्ज ऑरवेल ने और फिर नोम चोमस्की ने। ऑरवेल ने अपने महान उपन्यास ‘नाइंटीन एटी फोर’ के अंत में ‘द प्रिंसिपल्स ऑफ न्यूस्पीक’ के बारे में लिखा है। इसमें… Continue reading जो दलबदलू हैं वो ‘बागी’ हो गए!
