आर्युवेद में वैज्ञानिक शोध आवश्यक

आज मोमो, नूडल्स, बर्गर, पिज़्ज़ा जैसे न जाने कितने उत्पाद हैं जो अब भारत की धमनियों में प्रवेश कर चुके हैं और सबके स्वास्थ्य का सत्यानाश कर रहे हैं। यही है बाज़ारू संस्कृति। पहले अखाद्य पदार्थ खाओ। फिर बीमार पड़ो और फिर महंगे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाओ। इस विषम चक्र से बचने का एक… Continue reading आर्युवेद में वैज्ञानिक शोध आवश्यक

कांग्रेस को चन्नी को साथ रखना होगा

कांग्रेस ने पंजाब का विवाद कुछ हद तक सुलझा लिया है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी के विरोधी अगर बहुत उछल कूद मचाएंगे या जीत का जश्न मनाएंगे तो कांग्रेस को उसका नुकसान होगा। यह सही है कि चन्नी ने ज्यादा बड़ा दांव खेल दिया था। वे चाहते… Continue reading कांग्रेस को चन्नी को साथ रखना होगा

सरकार का पूरा फोकस 131वें संशोधन पर

पिछले कुछ दिनों से ऐसा लग रहा था कि भाजपा जितने आक्रामक अंदाज में संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत जुटाने के प्रयास में लगी है, वह मानसून सत्र में सारे विवादित बिल पास कराएगी। संविधान के 129वें, 130वें और 131वें संशोधन विधेयक पास कराने की चर्चा थी। हालांकि बाद में बताया गया… Continue reading सरकार का पूरा फोकस 131वें संशोधन पर

कांग्रेस की नजर उत्तराखंड पर

यह सवाल बार बार पूछा जा रहा है कि राहुल गांधी आखिर छात्रों से जुड़ा कार्यक्रम करने के लिए उत्तराखंड क्यों गए? इसका जवाब यह है कि कांग्रेस की पैनी नजर उत्तराखंड पर है, जहां अगले साल के शुरू में चुनाव होने वाला है। कांग्रेस को लग रहा है कि अगले साल के शुरू में… Continue reading कांग्रेस की नजर उत्तराखंड पर

एसआईआर में ‘अन्य’ की नई श्रेणी

चुनाव आयोग भी चौंकाने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। दूसरे चरण के एसआईआर में उसने पश्चिम बंगाल में चौंकाया था, जब ‘तार्किक विसंगति’ की एक नई श्रेणी बना दी थी। पहले मृत या शिफ्ट कर गए या फर्जी मतदाताओं के नाम काटे गए। दो बार में ऐसे कुल 63 लाख से कुछ ज्यादा लोगों… Continue reading एसआईआर में ‘अन्य’ की नई श्रेणी

बिहार के शिक्षा सुधार बिल का विरोध

केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक लाई है, जिस पर संसदीय समिति विचार कर रही है। इस समिति की रिपोर्ट अभी टल गई है। लेकिन उधर बिहार में ऐसे ही उच्च शिक्षा के लिए लाए जा रहे बिल का विरोध शुरू हो गया है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा… Continue reading बिहार के शिक्षा सुधार बिल का विरोध

संसद या सियासी अखाड़ा?

विचारधारा, नीति, कार्यक्रम, चुनाव घोषणापत्र आदि का आज क्या औचित्य रह गया है? अगर ये राजनीति के प्रेरक तत्व ना रहें, तो फिर पहलवानी के अखाड़े और संसद के बीच क्या फर्क रह जाएगा? मानसून सत्र की शुरुआत के साथ संसद का नज़ारा कुछ बदला नजर आएगा। यह संभवतः पहला मौका है, जब बिना चुनाव… Continue reading संसद या सियासी अखाड़ा?

वांगचुक को उठाए जाने के बाद रविवार को पहले से ज्यादा भीड़ जुटी।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस जरूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठा कर ले गई और अस्पताल में भर्ती करा दिया लेकिन जंतर मंतर पर उसके बाद भी आंदोलन जारी रहा। वांगचुक को उठाए जाने के एक बाद रविवार को पहले से ज्यादा भीड़ जुटी। बड़ी संख्या में आम लोग भी प्रदर्शन में… Continue reading वांगचुक को उठाए जाने के बाद रविवार को पहले से ज्यादा भीड़ जुटी।

भारत में खो गई है जवाबदेही?

शनिवार को सोनम वांगचुक के साथ जो हुआ, उसे देखते हुए पहली बार लगा कि भारत में केवल राजनीति नहीं बदली है, जवाबदेही भी बदल गई है। 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी को चुनावी अनियमितताओं का दोषी ठहराते हुए उनका चुनाव खारिज किया था। फैसला सीधे प्रधानमंत्री के खिलाफ… Continue reading भारत में खो गई है जवाबदेही?

वांगचुक सरकारी अस्पताल में ही रहे

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अभी सफदरजंग अस्पताल में ही रहना होगा। अदालत ने उनको निजी अस्पताल में शिफ्ट करने से इनकार कर दिया है। वांगचुक की पत्नी सोनम आंगमो ने याचिका देकर अपील की थी कि उनके पति को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराने दिया जाए। रविवार का दिन… Continue reading वांगचुक सरकारी अस्पताल में ही रहे

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