वेस्ट बंगाल को बेस्ट बंगाल बनाएंगे सुवेंदु

Categorized as लेख

मुख्यमंत्री ने कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने की अपनी सोच को आगे बढ़ाते हुए ऐलान किया कि सभी बड़े निवेश प्रस्तावों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी। इस प्रणाली के तहत औद्योगिक विकास निगम, भूमि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभाग आवश्यक स्वीकृतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र एक ही मंच से उपलब्ध कराएंगे।

देश की स्वतंत्रता से पहले बंगाल सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का केंद्र था। साथ ही औद्योगिक विकास और व्यापार का केंद्र भी था। परंतु आजादी के बाद धीरे धीरे सब कुछ समाप्त होता गया। केंद्र की उपेक्षा और आंतरिक राजनीतिक व्यवस्था ने बंगाल के गौरव को अत्यंत क्षति पहुंचाई। कला, साहित्य और संस्कृति से लेकर उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति निरंतर कमजोर होती गई। पूरे देश में पश्चिम बंगाल की छवि एक अराजक राज्य की बन गई। ऐसी धारणा बनी कि बंगाल में कारोबार नहीं किया जा सकता है। उद्योग नहीं लगाए जा सकते हैं। लोगों का जीवन सुरक्षित नहीं है। राज्य की जनसंख्या संरचना बदल रही है और घुसपैठियों का संसाधनों पर कब्जा हो रहा है। आदि आदि। इनमें से अधिकतर बातें सही भी हैं। परंतु अब स्थितियां बदलने लगी हैं।

समय के साथ पश्चिम बंगाल जितना पीछे गया है उतना आगे लाने के लिए अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है। सामान्य प्रयास से ऐसा नहीं हो सकता है। तभी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने असाधारण परिस्थितियों के लिए असाधारण उपाय आजमाने शुरू किए हैं। उन्होंने एक साथ कई मोर्चों पर काम शुरू किया है। सरकार बनने के बाद सबसे पहली आवश्यकता हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को एक संदेश देने का था, जो उन्होंने दिया। सरकार गठन के एक सौ दिन से भी कम समय में यह काम करने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दूसरे चरण का कार्य आरंभ कर दिया है। दूसरे चरण में प्रदेश के औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति देने का प्राथमिक उद्देश्य है। राज्य की सरकार इसके लिए क्या कर रही है और उसकी आगे क्या योजना है यह समझने के लिए हाल की कुछ खबरों को देखने की आवश्यकता है। इनके बारे में विस्तार से जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

पहली खबर, तोदी परिवार के स्वामित्व वाली लक्स होजियरी के छह सौ करोड़ रुपए के नए कारखाने का भूमि पूजन हुआ। ये वही उद्यमी हैं, जिन्हें ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सन् 2011 में अपनी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण राजनीति के कारण काफी परेशान किया था। दूसरी खबर, बेरीवाल परिवार के 15 हजार  करोड़ रुपए के निवेश वाले श्याम स्टील के नए उद्यम का भूमि पूजन हुआ। तीसरी खबर, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रसिद्ध अमूल डेयरी के सात सौ करोड़ रुपए के उद्यम का उद्घाटन किया। चौथी खबर, गौतम अडानी बंदरगाह, ऊर्जा, स्वास्थ, आदि क्षेत्रों में हजारों करोड़ का निवेश करने की रूपरेखा बना रहे हैं, जिसके तहत ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की घोषणा भी कर दी गई है। पांचवीं खबर, फ्लिपकार्ट के कल्याण कृष्णमूर्ति, आईटीसी के संजीव पुरी, आरपी एसजी के संजीव गोयनका और अन्य कई दिग्गजों ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उद्योग मंत्री तापस रॉय से मुलाकात की है।

पिछले 50 साल से पश्चिम बंगाल को लेकर ऐसी खबरें नहीं आ रही थीं। पहले खबर उद्योगपतियों और कारोबारियों के पलायन की आती थी। पहले खबर उद्योगपतियों और कारोबारियों को धमकाने और उनसे रंगदारी वसूलने की आती थी। पहले खबर उद्योग समूहों के बंद होने की आती थी। उसकी गिनती समय के साथ बढ़ती जा रही थी। अब समय का चक्र उलटा घूम रहा है। अब बंद पड़ी फैक्टरियों को खोलने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य तय किया और श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने बंद पड़ी सभी जूट मिलों को फिर से चालू करने का अभियान आरंभ कर दिया। वे यह काम मिशन मोड में कर रहे हैं। चाय बागान भी खुलवाए जा रहे हैं ताकि हजारों श्रमिकों का जीवन यापन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो जाए।

अब समय बदल गया है। अब पश्चिम बंगाल को लेकर खबर आ रही है कि फ्यूज़न सीएक्स का एक सौ करोड़ रुपए का आईटी एवं आईटी आधारित सेवाओं का परिसर बनेगा। अब खबर है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की देश की जानी मानी कंपनी  एलएंडटी साढ़े चार हजार करोड़ रुपए के निवेश से एआई डेटा सेंटर बनवाएगी। अब खबर है कि श्री सीमेंट, बर्जर पेंट्स और पियरलेस की हजारों करोड़ की रियल एस्टेट परियोजना चालू होगी। आईटीसी लिमिटेड का विस्तार होगा, जिस पर 23 सौ करोड़ रुपए खर्च होगा। कोलकाता डॉक सिस्टम में जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर का साढ़े आठ सौ करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके अलावा दुर्गापुर पानागढ़ में मित्सुबिशी की प्रस्तावित सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई की भी स्थापना होगी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में निवेश करने के इच्छुक उद्योगपतियों को जमीन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी, ताकि औद्योगिक परियोजनाएं बिना किसी विवाद के और बिना किसी देरी के शुरू हो सकें। मुख्यमंत्री ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एक सौ करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने वाले उद्योगों को ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद, नगर पालिका या नगर निगम से अलग अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर होने वाली देरी, अनावश्यक हस्तक्षेप और उत्पीड़न को समाप्त करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने दिखाया है कि कारोबार सुगमता का असली अर्थ क्या होता है।

मुख्यमंत्री ने कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने की अपनी सोच को आगे बढ़ाते हुए ऐलान किया कि सभी बड़े निवेश प्रस्तावों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी। इस प्रणाली के तहत औद्योगिक विकास निगम, भूमि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभाग आवश्यक स्वीकृतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र एक ही मंच से उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए पारदर्शी, तेज और निवेशक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे बंगाल में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी ध्यान दिया। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर रोकथाम के लिए एक नए कानून की रूपरेखा बनवाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में जो राजनीतिक संस्कृति पिछले 50 साल से स्थापित हुई थी वह नहीं चलेगी। उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि कोई दादागिरी, गुंडागर्दी, रंगदारी, सिंडिकेट, कट मनी वसूलने की कोशिश करना तो दूर उसके बारे में सोच भी नहीं सकता है। सरकार ने संदेश दिया है कि किसी भी गड़बड़ी पर कठोरतम कार्यवाही होगी। यहां तक कि सार्वजनिक संपत्ति की तोड़ फोड़ होने पर तीन गुना वसूली होगी। ध्यान रहे वामपंथी शासन में मजदूरों की एकता और मजदूर हित के नाम पर लगातार आंदोलन और तोड़ फोड़ चलते रहते थे, जिससे उद्योग व कारोबार बंद हुए। बाद में ममता बनर्जी आईं तो उन्होंने तुष्टिकरण की नीति चलाई और कानून व्यवस्था असामाजिक तत्वों के हाथ में छोड़ दिया। इससे भी उद्योग व कारोबार बंद हुए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इसे बदल रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से कहा है कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर वे सीधे उनको सूचना दें, तुरंत उनकी मदद की जाएगी।

ध्यान रहे ममता बनर्जी ने मारवाड़ियों को बाहर वाला कह कर अपमानित किया था और उन्हें राज्य के विकास से दूर कर दिया था। अब वही मारवाड़ी समाज सबसे ज्यादा उद्यम लगा रहा है, रोजगार सृजन कर रहा है, सकारात्मक माहौल बना रहा है और राजस्व में लगातार वृद्धि कर रहा है। मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से हो रहे बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि बीरभूम के पत्थर उद्योग से सिर्फ एक महीने में 83 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो तृणमूल शासन में सालाना 60 करोड़ यानी महीने का सिर्फ पांच करोड़ था। इसका अर्थ है कि हर साल एक हजार करोड़ रुपए का राजस्व सरकारी खजाने में नहीं आ कर कहीं और जा रहा था।

उद्योग व निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए उन्होंने कहा है कि बरसों से बकाया सारे पुराने इनसेंटिव का भुगतान किया जाएगा। अब आगे किसने कितनी नौकरी दी, उस पर भी इनसेंटिव दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा, उनके न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई, बोनस, छुटि्टयों का पूरा ध्यान रखें; क्योंकि वे ही असली विश्वकर्मा हैं। उन्होंने उद्यमियों से पर्यावरण का समुचित ध्यान रखने की अपील भी की है।

उद्योग व निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि वे जल्दी ही शहरी भूमि (सीलिंग और विनियमन) अधिनियम 1976 को ठीक करेंगे। इस कानून के अंतर्गत शहरी इलाके में कोई भी साढ़े सात कट्ठा से ज्यादा जमीन नहीं रख सकता। इस विकास विरोधी कानून को बंगाल और केरलम के अलावा सभी राज्यों ने वर्षों पहले रद्द कर दिया है। देर से ही सही परंतु बंगाल में भी इसके खत्म करने की पहल हुई है।

भ्रष्टाचार रोकने और पूरी तरह से समाप्त करने को लेकर भी राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके एक जांच आयोग के गठन का ऐलान किया है। इसे ‘कमीशन ऑन इंस्टीट्यूशनल करप्शन इन वेस्ट बंगाल’ नाम दिया गया है। कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस बिस्वजीत बसु इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं। यह आयोग 2011 से 2026 के तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान अलग अलग विभागों में हुए भ्रष्टाचार की जांच करेगा। असल में सरकार को सूचना मिली थी कि शिक्षा से लेकर खाद्य व सार्वजनिक वितरण और आपदा प्रबंधन से लेकर पंचायत व ग्रामीण विकास जैसे विभागों में संस्थागत रूप से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। सरकार ने इस आयोग को पीडब्लुडी से लेकर भवन और भूमि, उद्योग आदि विभागों में भी हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने को भी कहा है। सरकार का यह कदम उद्यमियों व कारोबारियों में भरोसा बढ़ाने वाला साबित होगा। जाहिर है धीरे धीरे बंगाल अपने पुराने गौरव को हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है।

“शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैः पर्वतमस्तके।

शनैः विद्या शनैः वित्तं पञ्चैतानि शनैः शनैः॥”(लेखक दिल्ली में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामंग (गोले) के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त विशेष कार्यवाहक अधिकारी हैं।)


Previous News Next News

More News

नकली दवाओं पर लगाम के लिए उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका

September 16, 2026

देश में नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण तथा बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करके एक एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे को बनाने, मामलों की समयबद्ध जांच व तेजी से सुनवाई, जब्त दवाओं की अनिवार्य फॉरेंसिक जांच और नकली दवा सिंडिकेट के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों की…

ओडिशा में 3,406 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना को मंजूरी

September 16, 2026

ओडिशा में उभरते सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देते हुए यूनिट अप्रूवल कमेटी (यूएसी) ने खोरधा जिले के आईडीसीओ इन्फोवैली-2 में सिलिकॉन कार्बाइड (एसआईसी) सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए सिक्सेम प्राइवेट लिमिटेड के 3,406.25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यूएसी की 217वीं बैठक में स्वीकृत यह परियोजना जटनी तहसील…

तमिलनाडु उपचुनाव में दोनों सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पूरी

September 16, 2026

तमिलनाडु विधानसभा की मदुरंतकम और धारापुरम (असुरक्षित) सीटों पर आगामी 06 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य बुधवार दोपहर 3 बजे संपन्न हो गया। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई इन दोनों सीटों पर नामांकन के अंतिम दिन…

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को खारिज किया

September 16, 2026

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के विरोध में 232 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 147 ने इसका समर्थन किया और 47 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। Also Read : ईरान ने विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटाया…

ईरान ने विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटाया

September 16, 2026

ईरान ने सरकारी एजेंसियों द्वारा विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटा दिया है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने यह जानकारी दी। श्री मोहाजेरानी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कुछ दिन पहले अपनाए गए एक प्रस्ताव में जिन मुद्दों पर बात की गई थी, उनमें से एक सरकारी…

logo