उत्तर प्रदेश : वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9,12,696 करोड़ रुपए का बजट पेश किया

Categorized as प्रादेशिक समाचार

उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख (9,12,696.35 करोड़ रुपए) का बजट पेश किया। इस बजट में 43,565.33 करोड़ रुपए की नई योजनाएं सम्मिलित हैं।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं। तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ‘नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन’ की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही राज्य में डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स स्थापित किए जाएंगे।

सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रोत्साहन देने के लिए एआई मिशन और ‘टेक युवा समर्थ युवा योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके जरिए युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। ऊर्जा क्षेत्र में डीजल आधारित नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।

Also Read : कीमती धातुओं ने फिर पकड़ी रफ्तार, सोना 1.58 लाख के पार तो चांदी 2.61 लाख के ऊपर

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश देश में अग्रणी स्थिति में है। उन्होंने बताया कि गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है और निवेश का प्रवाह तेज हुआ है। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से आर्थिक परिदृश्य मजबूत हुआ है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता में विस्तार किया जाएगा और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से विशेष कौशल विकास केंद्र खोले जाने की भी योजना है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ शुरू की जाएगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। प्रदेश में आठ डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट निर्धारित की गई है। यह पहल आईटी और तकनीक आधारित निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

July 30, 2026

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद…

logo