बिहार विधान परिषद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, राबड़ी देवी ने उठाए किसानों के मुद्दे

Categorized as प्रादेशिक समाचार

बिहार विधान परिषद के बाहर शुक्रवार को काफी हंगामा हुआ, जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने किसानों के मुद्दों पर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान परिषद परिसर के बाहर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। 

विपक्ष का आरोप है कि किसानों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने में बिहार सरकार नाकाम रही। सरकार सिर्फ कृषि रोड मैप के तहत घोषणाओं तक सीमित है और जमीनी स्तर पर किसानों को कोई ठोस फायदा नहीं मिल रहा है। किसानों के लिए तत्काल राहत और जवाबदेही की मांग करते हुए विपक्षी नेताओं ने विधानसभा परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए राबड़ी देवी ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का समर्थन खोने के बावजूद यह सरकार गलत तरीकों से सत्ता में आई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष को बहुमत का जनादेश मिला था, लेकिन चुनाव में धांधली करके सरकार बनाई गई।

Also Read : पाकिस्तान : इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में जबरदस्त धमाका

राबड़ी देवी ने कहा कि हमने चुनाव जीता था। इन लोगों ने चोरी करके सरकार बनाई। हमें लगभग 1.9 करोड़ वोट मिले, उन्हें कितने मिले? उसके आधे भी नहीं। दूसरे राज्यों में राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए, उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधायकों को कथित तौर पर 50-60 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में भी सरकार बनाने के लिए इसी तरह के बेईमानी की गई और कहा कि जनता को पूरी तरह पता है कि क्या हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि लोग सब कुछ देख रहे हैं। बिहार के लोग समझते हैं कि यह सरकार कैसे बनी है। विपक्ष किसानों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा और सरकार को जवाबदेही से बचने नहीं देगा।

राबड़ी देवी की टिप्पणियों से राज्य में राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जिसमें सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष शासन, किसानों के कल्याण और 2025 के विधानसभा चुनावों की वैधता को लेकर आमने-सामने हैं।

आपको बताते चलें, 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को सिर्फ 25 सीट पर जीत मिली थी। इसके पिछले चुनाव में, यानी 2020 में, पार्टी ने 75 सीटें जीती थीं।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

July 30, 2026

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद…

logo