झारखंड में नगर निकाय चुनाव का ऐलान

Categorized as प्रादेशिक समाचार

झारखंड में लंबे इंतजार के बाद नगर निकायों के चुनाव का बिगुल बज गया है। सभी 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव कराए जाएंगे, जबकि मतगणना 27 फरवरी को होगी। 

राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आज से राज्य के सभी 48 नगर निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।

नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू होगी। इस दिन से उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 6 फरवरी को नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। 7 फरवरी 2026 को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

राज्य के सभी 48 शहरी स्थानीय निकायों में एक ही चरण में 23 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम पांच तक होगा।

Also Read : बजट सत्र: राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक

इसके बाद 27 फरवरी को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। चुनाव गैर-दलीय आधार पर होंगे।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव में नोटा का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा, यानी मतदाताओं को उपलब्ध उम्मीदवारों में से ही किसी एक को मतदान करना होगा। राज्य में पहली बार सभी नगर निकायों में एससी, एसटी और महिलाओं के अलावा पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की भी व्यवस्था की गई है।

झारखंड में जिन 48 शहरी निकायों में चुनाव कराए जाने हैं, उनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतें शामिल हैं। इन निकायों के अंतर्गत कुल 1087 वार्ड शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि झारखंड के सभी नगर निकायों में लंबे समय से चुनाव लंबित थे। इन नगर निकायों में 13 ऐसे हैं, जहां 2020 से ही चुनाव लंबित थे, जबकि रांची सहित शेष अन्य नगर निगम एवं निकायों में 2022 से चुनाव नहीं हुए थे।

रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो और देवघर जैसे बड़े शहरों के नगर निगम चुनाव पर पूरे राज्य की खास नजर रहेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव के लिए विधि-व्यवस्था और सुरक्षा बलों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की व्यवस्था की गई है। चुनाव नियमानुसार संपन्न कराए जाएं, इसके लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

July 30, 2026

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद…

logo