मैकाले को गाली और विरासत की पूजा!

मैकाले को बेचारा माने या महान? इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने कोसा है। कहा है कि मैकाले भारतीयों की ‘गुलामी की मानसिकता’ का ज़िम्मेदार है। पर फिर अगले दिन उन्होंने मैकाले की विरासत का अभिनंदन किया। मत्था टेका। पेचीदा मसला है। सोचें, भारत की आज बनावट और बुनावट क्या है? नरेंद्र मोदी यदि बतौर प्रधानमंत्री… Continue reading मैकाले को गाली और विरासत की पूजा!

हम बाँझ हो रहे हैं!

पर सवाल यह है कि क्या हम बाँझ हो रहे हैं या हो चुके हैं? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि बाँझ होना आखिर है क्या? मेरा मानना है, बाँझपन को केवल स्त्री या पुरुष की संतान उत्पन्न करने की अक्षमता के अर्थ में नहीं, बल्कि बंजरता, अनुत्पादकता, नाकाबिलियत और असमर्थता के उस गहरे अर्थ-भाव… Continue reading हम बाँझ हो रहे हैं!

हम लुढ़कने के लिए ही हैं!

आंखें थकती नहीं। दिमाग रुकता नहीं। तब भला बुढ़ापा कैसा होगा? मैं बूढ़ा नहीं हूं, लेकिन उम्र सत्तर की है। और दिमाग ने लगभग पचास साल भारत और भारत के लोगों पर गौर करते हुए बिताए हैं तो शायद यही वजह है जो कोई दिन ऐसा नहीं आता जब यह सवाल मन में न उठे… Continue reading हम लुढ़कने के लिए ही हैं!

बनिए भारत के सर्वकालिक धन भोगी!

हिंदू धर्म में लक्ष्मीपुत्रों के खिलाफ क्रांति संभव ही नहीं! भारत असमानता का अब वैश्विक उपमहाद्वीप है। 140 करोड़ लोगों की आबादी है। पर इनकी कुल संपत्ति का 60 प्रतिशत सिर्फ़ एक प्रतिशत परिवारों के पास है! हुरुन इंडिया की ताज़ा रिपोर्ट मानें तो भारत में 1,687 व्यक्तियों की संपत्ति हज़ार-हज़ार करोड़ रुपए से अधिक है,… Continue reading बनिए भारत के सर्वकालिक धन भोगी!

भारत अब सिर्फ बाजार!

क्या आपको पता है भारत अमेरिकी कंपनी ओपनएआई (OpenAI) का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है! जल्द ही पहला हो सकता है! क्या पता है अमेरिकी गूगल, फेसबुक, एक्स, अमेजन, मेटा जैसी कंपनियों का भारत नंबर एक यूजर है, बाजार है? क्या आपको चीनी कंपनियों के भारत में सामान बेचने का आंकड़ा मालूम है? यह आंकड़ा… Continue reading भारत अब सिर्फ बाजार!

मोदी क्यों नहीं अमेरिकी गूगल, मेटा, एक्स, अमेज़न जैसी कंपनियों को भारत से बाहर करते?

आगे पढ़ने से पहले यह तथ्य ध्यान में रहे कि इन अमेरिकी कंपनियों के बिना भी चीन विकसित है। चीन आईटी का सुपरपावर बना है। इसलिए ट्रंप द्वारा भारत के युवा आईटी कर्मियों के पेट पर लात मारने, भारतीय कंपनियों को घायल करने का आवश्यक जवाब अमेरिकी गूगल, अमेज़न, फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम को भारत के… Continue reading मोदी क्यों नहीं अमेरिकी गूगल, मेटा, एक्स, अमेज़न जैसी कंपनियों को भारत से बाहर करते?

बातूनी भारत को नई मशीन!

कल हिंदी दिवस था। और कल यह भी खबर थी कि एप्पल ने एयरपॉड्स प्रो 3 लांच किया है। एक ऐसा साधन, जो कान में किसी भी भाषा का तुरत-फुरत आपकी भाषा में अनुवाद सुना देगा। एक क्लिक में अंग्रेज़ी, फ़्रेंच या स्पैनिश हिंदी हो जाएगी। सोचें, हम हिंदीभाषी इस मशीन का कैसा उपयोग करेंगे?… Continue reading बातूनी भारत को नई मशीन!

चीन को दोस्त बताना, मानना, कहना देशद्रोह है

खास तौर पर वे हिंदू तो निश्चित ही, जो अपने को भारत माता का स्वयंसेवक कहते हैं तथा जो राष्ट्रवादी होने का दंभ भरते हैं। पर हां, जो लोग सर्वभूमि गोपाल में पृथ्वी को मनुष्यों का खुला मैदान मानने का मानवतावादी नजरिया लिए हुए हैं या प्रगतिशीलता के नेहरूवादी, माओवादी, नक्सली आइडिया में हिंदी-चीनी भाई-भाई… Continue reading चीन को दोस्त बताना, मानना, कहना देशद्रोह है

एक नॉर्वे है और एक रामजी का भारत!

पहली खबर नॉर्वे की है। नॉर्वे सरकार के पेंशन का एक वैश्विक सॉवरेन वेल्थ फ़ंड (GPFG) है। लगभग दो ट्रिलियन डॉलर का कोष। इसे वहां की सरकार ने 1990 में तेल की कमाई को जमा करते हुए बनाया। यह विश्व में निवेश कर देशवासियों की पेंशन संभालता है। इसे किस देश, किस कंपनी में निवेश… Continue reading एक नॉर्वे है और एक रामजी का भारत!

हिंदू कभी चरित्रवान थे!

पहले यह सोचें कि सवा अरब हिंदुओं में (बुज़ुर्गों को अलग रखना होगा) कौन-सी पीढ़ियां “चरित्रवान” शब्द का अर्थ जानती हैं? क्या है चरित्रवान होने की हिंदू परिभाषा? चरित्र के नैतिक नियमों का भला क्या केंद्र बिंदु है? गहराई से बूझें तो चरित्र और चरित्रवान होने की धुरी का पर्याय एक ही शब्द ‘सत्य’ है।… Continue reading हिंदू कभी चरित्रवान थे!

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