भारत अब सिर्फ बाजार!

क्या आपको पता है भारत अमेरिकी कंपनी ओपनएआई (OpenAI) का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है! जल्द ही पहला हो सकता है! क्या पता है अमेरिकी गूगल, फेसबुक, एक्स, अमेजन, मेटा जैसी कंपनियों का भारत नंबर एक यूजर है, बाजार है? क्या आपको चीनी कंपनियों के भारत में सामान बेचने का आंकड़ा मालूम है? यह आंकड़ा… Continue reading भारत अब सिर्फ बाजार!

मोदी क्यों नहीं अमेरिकी गूगल, मेटा, एक्स, अमेज़न जैसी कंपनियों को भारत से बाहर करते?

आगे पढ़ने से पहले यह तथ्य ध्यान में रहे कि इन अमेरिकी कंपनियों के बिना भी चीन विकसित है। चीन आईटी का सुपरपावर बना है। इसलिए ट्रंप द्वारा भारत के युवा आईटी कर्मियों के पेट पर लात मारने, भारतीय कंपनियों को घायल करने का आवश्यक जवाब अमेरिकी गूगल, अमेज़न, फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम को भारत के… Continue reading मोदी क्यों नहीं अमेरिकी गूगल, मेटा, एक्स, अमेज़न जैसी कंपनियों को भारत से बाहर करते?

बातूनी भारत को नई मशीन!

कल हिंदी दिवस था। और कल यह भी खबर थी कि एप्पल ने एयरपॉड्स प्रो 3 लांच किया है। एक ऐसा साधन, जो कान में किसी भी भाषा का तुरत-फुरत आपकी भाषा में अनुवाद सुना देगा। एक क्लिक में अंग्रेज़ी, फ़्रेंच या स्पैनिश हिंदी हो जाएगी। सोचें, हम हिंदीभाषी इस मशीन का कैसा उपयोग करेंगे?… Continue reading बातूनी भारत को नई मशीन!

चीन को दोस्त बताना, मानना, कहना देशद्रोह है

खास तौर पर वे हिंदू तो निश्चित ही, जो अपने को भारत माता का स्वयंसेवक कहते हैं तथा जो राष्ट्रवादी होने का दंभ भरते हैं। पर हां, जो लोग सर्वभूमि गोपाल में पृथ्वी को मनुष्यों का खुला मैदान मानने का मानवतावादी नजरिया लिए हुए हैं या प्रगतिशीलता के नेहरूवादी, माओवादी, नक्सली आइडिया में हिंदी-चीनी भाई-भाई… Continue reading चीन को दोस्त बताना, मानना, कहना देशद्रोह है

एक नॉर्वे है और एक रामजी का भारत!

पहली खबर नॉर्वे की है। नॉर्वे सरकार के पेंशन का एक वैश्विक सॉवरेन वेल्थ फ़ंड (GPFG) है। लगभग दो ट्रिलियन डॉलर का कोष। इसे वहां की सरकार ने 1990 में तेल की कमाई को जमा करते हुए बनाया। यह विश्व में निवेश कर देशवासियों की पेंशन संभालता है। इसे किस देश, किस कंपनी में निवेश… Continue reading एक नॉर्वे है और एक रामजी का भारत!

हिंदू कभी चरित्रवान थे!

पहले यह सोचें कि सवा अरब हिंदुओं में (बुज़ुर्गों को अलग रखना होगा) कौन-सी पीढ़ियां “चरित्रवान” शब्द का अर्थ जानती हैं? क्या है चरित्रवान होने की हिंदू परिभाषा? चरित्र के नैतिक नियमों का भला क्या केंद्र बिंदु है? गहराई से बूझें तो चरित्र और चरित्रवान होने की धुरी का पर्याय एक ही शब्द ‘सत्य’ है।… Continue reading हिंदू कभी चरित्रवान थे!

हम सिनेमाई साफ्टपॉवर भी नहीं रहे!

क्या आपने ‘छावा’, ‘सैयारा’ या ‘महावतार नरसिम्हा’ फिल्म देखी? मैंने नहीं देखी लेकिन हाल में के-ड्रामा का एक सीरियल ‘किंग द लैंड’ देखा। के-ड्रामा और टर्किश ड्रामा का हल्ला सुनते-सुनते मैंने कई दफ़ा कोशिश की कि इनके किसी एक सीरियल को पूरा देखा जाए। लेकिन किसी पर दिल-दिमाग नहीं टिका। मगर “किंग द लैंड” पर… Continue reading हम सिनेमाई साफ्टपॉवर भी नहीं रहे!

भारत है तो मुमकिन है!

हे राम! बिना ईंधन स्विच चालू किए ही पायलट ने विमान उड़ा दिया! दुनिया में कभी पहले ऐसा हुआ, यह मैंने नहीं सुना! और वह भी यात्री विमान, जिसमें 260 लोग थे! पायलट ने विमान दौड़ाने के कुछ क्षणों (सेकंड) में ही दूसरे पायलट से पूछा— क्या तुमने फ्यूल स्विच बंद किया है? जवाब था—… Continue reading भारत है तो मुमकिन है!

मोदी हों या राहुल, सबका मक्का अमेरिका-लंदन!

यह सच्चाई है। तभी आजाद भारत की मनोदशा का यह नंबर एक छल है कि हम रमते हैं पश्चिमी सभ्यता-संस्कृति में लेकिन तराना होता है हिंदी-चीनी भाई-भाई या रूस-भारत भाई-भाई। यों आजाद भारत का पूरा सफर दोहरे चरित्र व पाखंडों से भरा पड़ा है लेकिन भारत की विदेश नीति में जितना पाखंड, दिखावा और विश्वगुरू बनने की जुमलेबाजी हुई वह रिकार्ड है। मैंने अफगानिस्तान पर सोवियत संघ के हमले, शीतयु्द्ध के पीक वक्त में अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर लिखना शुरू किया था। तब से आज तक वैश्विक मामलों में भारत की विदेश नीति के दिखावे और हकीकत, झूठ और सत्य के ऐसे-ऐसे ढोंग देखे हैं, जिससे विशाल आबादी वाला भारत दुनिया की तो छोड़ें गली का चौधरी भी नही बन पाया।

क्या राजस्थान, मप्र, छतीसगढ़ में कांग्रेस जीतेगी?

सवाल पर जरा मई 2024 की प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी परीक्षा के संदर्भ में सोचें। तो जवाब है कतई नहीं। इन राज्यों में कांग्रेस को लोकसभा की एक सीट नहीं मिलनी है। मई 2024 का लोकसभा चुनाव मोदी के लिए आखिरी, जीवन-मरण का, मरता क्या न करता के एक्सट्रीम दावों का है। तब भला दिसंबर के तीन विधानसभा चुनावों में वे कैसे इन तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने देंगे? खासकर राजस्थान और छतीसगढ़ में, सत्ता में रहते हुए कांग्रेस का दुबारा जीतना! यों इन तीन राज्यों में भाजपा कुछ अहम चेंज करने वाली है। उसकी टाइमलाइन अनुसार सचिन पायलट का फैसला होने वाला है।

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