टाटा परिवार आम चलन को तोड़ कर बाहर के व्यक्ति को चेयरमैन बनाने की उदारता तो दिखाता है, लेकिन उसे स्वतंत्र निर्णय नहीं लेने देता। यानी वह मालिक होने की पारंपरिक मानसिकता से उबर नहीं पाता। एन. चंद्रशेखरन के चेयरमैन पद छोड़ने से टाटा ग्रुप में जारी विवाद पर विराम जरूर लग गया है, लेकिन… Continue reading कॉरपोरेट कल्चर का सवाल
