आज भी ज़रूरी हैं हस्तलिखित पत्र

मोबाइल और इंटरनेट आ जाने के बावजूद पत्रों का महत्व आज भी बरकरार है। यही कारण है कि हस्तलिखित पत्रों की अहमियत को बढ़ावा देने और लोगों को लेखनी उठाकर कागज़ पर अपने मन के भाव लिखने के लिए प्रेरित करने हेतु विश्व पत्र लेखन दिवस प्रतिवर्ष 1 सितम्बर को मनाया जाता है। 1 सितंबर-… Continue reading आज भी ज़रूरी हैं हस्तलिखित पत्र

पीएम मोदी ने की भारतीय रेल चालकों से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दो दिवसीय जापान यात्रा पर हैं। पीएम मोदी के जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते हो रहे हैं। इसी बीच जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने शनिवार को जेआर ईस्ट प्रशिक्षण… Continue reading पीएम मोदी ने की भारतीय रेल चालकों से मुलाकात

‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव

बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के साथ भागीदारी की।  राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चल रही यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण… Continue reading ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा छपरा पहुंची

‎सारण। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शनिवार को सारण जिला मुख्यालय छपरा पहुंची।  सारण में इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ‎‎पूरे शहर में उत्साह और ऊर्जा की लहर दौड़ गई।… Continue reading राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा छपरा पहुंची

सीज़र की पत्नी

लोकतंत्र में न्यायपालिका ही वह संस्था है, जिससे लोग संविधान, कानून और पूरी व्यवस्था की रक्षा की उम्मीद रखते हैँ। मगर लगता नहीं कि फिलहाल भारतीय न्यायपालिका सर्व-साधारण की पारदर्शिता संबंधी अपेक्षा का ख्याल कर रही है। सीज़र की पत्नी को हर तरह के संदेह से ऊपर होना चाहिए। यानी परिजनों समेत राजा को ऐसी… Continue reading सीज़र की पत्नी

घुसपैठ पर क्या सिर्फ राजनीति होगी?

अयोध्या में राममंदिर का निर्माण, देश भर में समान नागरिक संहिता लागू करने और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और भारतीय जनसंघ का सबसे पुराना एजेंडा था। आजादी के तुरंत बाद से इस पर बहस हो रही थी और अलग अलग समय पर आंदोलन भी हुए। इनमें से दो… Continue reading घुसपैठ पर क्या सिर्फ राजनीति होगी?

असमानता और नियति ‘सुपरपावर इन वेटिंग!

लंदन के द इकॉनोमिस्ट ने ठिक लिखा कि “यदि अमेरिका भारत को अलग-थलग करता है, तो यह उसकी ऐतिहासिक भूल होगी। जबकि भारत के लिए अपनी सुपरपावर बनने की दावेदारी को परखने का यह मौका है।” पहली नज़र में वाक्य सुकून देता है — जैसे अमेरिका ग़लती करेगा अगर डगमगाया, और भारत नियति के द्वार… Continue reading असमानता और नियति ‘सुपरपावर इन वेटिंग!

अमेरिका की चाहत

दो बातें साफ हैं। ट्रंप प्रशासन को ‘आंख में आंख डाल कर’ बात करना और संप्रभुता का उल्लेख करना नागवार गुजरा है। कोई देश उससे बातचीत में अपने आर्थिक हितों की बात करे, यह उनके प्रशासन को मंजूर नहीं है। डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन क्यों भारत से खफा हुआ, इसके राज़ खुद उनके अधिकारी खोल रहे… Continue reading अमेरिका की चाहत

स्वदेशी आंदोलन 2.0 कितना कामयाब होगा

भारत में एक और स्वदेशी आंदोलन का आह्वान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में इसका आह्वान किया और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लागू होने से पहले यानी 27 अगस्त से पहले उन्होंने कई बार यह आह्वान दोहराया।… Continue reading स्वदेशी आंदोलन 2.0 कितना कामयाब होगा

मुंबई में अनिश्चितता और न्यूयार्क में भरोसा!

कुछ दिनों से मैं मुंबई में हूँ। यह महानगर  उभरते भारत की झिलमिलाहट बतलाता हुआ है। काँच की इमारतें मानसून के आसमान को छूती हैं। नया कोस्टल रोड अरब सागर पर किसी रिबन की तरह खुलता चला जाता है। यह वही शहर है जो न्यूयॉर्क बनने का सपना देखता है। तभी लगातार निर्माणाधीन स्काइलाइन, वॉल… Continue reading मुंबई में अनिश्चितता और न्यूयार्क में भरोसा!

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