भारत में राजनीतिक दल संविधान, लोकतत्र, संसदीय व्यवस्था, नैतिकता, परंपरा आदि की जितनी बातें करते हैं अगर उसके एक प्रतिशत पर भी अमल करते तो देश की राजनीति ऐसी स्थिति में नहीं पहुंची होती कि उसमें सुधार के लिए लोगों को सर्वोच्च अदालत के पास जाना होता और अदालत को भी नोटिस जारी करना पड़ता!… Continue reading पार्टियों को खुद सुधार करना होगा
