मनरेगा को बुलडोजर करने का नैरेटिव

कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को समाप्त करके उसकी जगह विकसित भारत जी राम जी बिल लाने के खिलाफ जो नैरेटिव बना रही है उसमें बुलडोजर शब्द का खास इस्तेमाल किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से बने… Continue reading मनरेगा को बुलडोजर करने का नैरेटिव

महाजंगलराज का जुमला कितना चलेगा

ऐसा लग रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा किसी बड़े नैरेटिव और नारे की तलाश में है। अभी तक उसे कोई एक सेंट्रल नैरेटिव और एक मुख्य नारा नहीं मिल पाया है। अब प्रधानमंत्री महाजंगलराज का नारा आजमा रहे हैं। उन्होंने शनिवार, 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार… Continue reading महाजंगलराज का जुमला कितना चलेगा

तमिलनाडु और बंगाल में एसआईआर का फर्क

यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि तमिलनाडु में, जहां बिहार से कम और पश्चिम बंगाल के लगभग बराबर मतदाता थे वहां दोनों राज्यों के मुकाबले ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे हैं। बिहार में कुल 69 लाख मतदाताओं के नाम कटे तो पश्चिम बंगाल में 58 लाख नाम कटे। लेकिन तमिलनाडु में 97 लाख… Continue reading तमिलनाडु और बंगाल में एसआईआर का फर्क

जुबिन की मौत में क्या सचमुच साजिश हुई है?

यह लाख टके का सवाल है क्योंकि सिंगापुर की पुलिस ने साजिश से इनकार किया है। सिंगापुर की पुलिस ने दूसरी बार इनकार किया है। पिछले दिनों वहां की पुलिस ने कहा कि दोहराया कि उसकी जांच में किसी तरह की साजिश की संकेत नहीं मिला है। सिंगापुर पुलिस बल यानी एसपीएफ ने गुरुवार, 18… Continue reading जुबिन की मौत में क्या सचमुच साजिश हुई है?

हिन्दू नेता अतीत-जीवी हैं

पिछले पचास वर्षों से देसी भारतीय नेताओं के पास केवल दलीय लड़ाई, गद्दी छीन-झपट की तिकड़में भर हैं। एक-दूसरे के प्रति द्वेष, झूठे-सच्चे आरोपों की पोटली है। उसी से लोगों को उकसाना और वोट-बटोरन मंसूबे ही उन की फुलटाइम चिन्ता दिखती है।… नेताओं का परनिंदक, शेखीबाज, और अतीतजीवी होना हिन्दू समाज की असमर्थता का संकेत… Continue reading हिन्दू नेता अतीत-जीवी हैं

संसद अमेरिका की और भारत की, इतना फर्क!

किसी भी लोकतंत्र में, सत्ता में कोई भी पार्टी क्यों न हो, ऐसे अधिकारियों को बुलाने, उन्हे जवाबदेह बनाने के कई लाभ हैं। सबसे पहले, यह जवाबदेही सुनिश्चित करता है। चुने हुए प्रतिनिधि कार्यकारी अधिकारियों से सवाल कर सकते हैं, जो जनता की ओर से होता है। इससे भ्रष्टाचार, दुरुपयोग या नीतिगत असफलताओं पर रोशनी… Continue reading संसद अमेरिका की और भारत की, इतना फर्क!

2025: भारत ने गंवाई विवेक, बुद्धि और गरिमा!

सन् 2025 में भारत ने बहुत कुछ खोया। हालांकि दुनिया ने भी इस वर्ष बहुत गंवाया। पर भारत का नुकसान अपनी प्रकृति में अलग था। यदि अमेरिका एक अकेले डोनाल्ड ट्रंप से पहचान, गरिमा और विवेक में खोखला, भटका हुआ था तो भारत का सत्य है राष्ट्र-राज्य की प्रवृत्तियों, साख और नैतिक धाक को गंवा… Continue reading 2025: भारत ने गंवाई विवेक, बुद्धि और गरिमा!

दूसरी बार बढ़ा रेल किराया

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने छह महीने में दूसरी बार रेल किराए में बढ़ोतरी की है। हालांकि बढ़ोतरी एक से दो पैसे प्रति किलोमीटर की है लेकिन इस बढ़ोतरी से भी रेलवे को छह सौ करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी। बढ़ा हुआ किराया 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा। रेलवे की ओर से कहा… Continue reading दूसरी बार बढ़ा रेल किराया

महाराष्ट्र में महायुति की बड़ी जीत

मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति ने बड़ी जीत हासिल की है। दो चरण में हुए चुनावों के नतीजे रविवार को जारी हुए। 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों यानी कुल 288 निकायों के लिए हुए चुनाव में महायुति को 215 सीटों पर जीत मिली।… Continue reading महाराष्ट्र में महायुति की बड़ी जीत

जी राम जी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी

नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना यानी मनरेगा की जगह लेने के लिए लाए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी वीबी जी राम जी बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी तीन दिन में विधेयक को लाकर, आधी रात… Continue reading जी राम जी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी

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